विचार

राम मंदिर भूमिपूजन के बाद पहली स्वतंत्रता दिवस के मायने, क्योंकि अयोध्या से आगे मथुरा-काशी भी है…

एक तरफ है करीब 1000 साल से चल रहा छल, प्रपंच और जोर। दूसरी तरफ है हिंदुओं का वह नैतिक बल, जिसका पहला पड़ाव सोमनाथ का पुनरुद्धार था। वह भारतीय चेतना, जिसकी अप्रतिम ऊर्जा अयोध्या है। वह सनातनी संस्कृति, जिसका प्रकाश पुंज मथुरा-काशी है।

इंदिरा गाँधी बाबर की कब्र पर गईं, सिर झुकाया और बोलीं – ‘मैंने इतिहास को महसूस किया…’

वो बाबर के मकबरे की ओर चल दिए। वे मकबरे के सामने खड़ी हुईं और हल्का सा सिर झुकाया। बाद में वे बोलीं - "मैं इतिहास को महसूस कर रही थी।"

सचिन पायलट की वापसी से और गहराया संकट: फूट पड़ी कॉन्ग्रेस में, थूका-चाटा कॉन्ग्रेसियों ने, लेकिन दोषी कौन है? भाजपा…

ये झटका किसे है? सचिन पायलट अब राजस्थान में कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष नहीं रहे। न ही वो अब राज्य के उप-मुख्यमंत्री हैं। महीने भर उनका अपमान हुआ। कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें भला-बुरा कहा।

आत्मनिर्भरता की रीति में बनी नई शिक्षा नीति

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कहीं भी इस बात का बिल्कुल ही जिक्र नहीं है कि अंग्रेजी को एकदम हटाया जाए। इस नीति में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो भी विदेशी भाषा है, उसको विदेशी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा।

राम का गुणगान, अब परशुराम की मूर्ति और ब्राह्मण सम्मलेन: जानिए 11% ब्राह्मणों को लुभाने के लिए क्यों पगलाई सपा-बसपा

इसके पीछे 2 सबसे स्पष्ट कारण नज़र आते हैं। पहला, राम मंदिर और दूसरा, विकास दुबे का एनकाउंटर। इन दोनों ही मुद्दों पर राजनीति कर सपा-बसपा ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहती है।

राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले बाबर की मानस संतान

5 अगस्त की घटना को सीमित, संकुचित राजनीतिक और धार्मिक नजरिए से देखने वाले फिर एक मूलभूत गलती कर रहे हैं। वे इस समाज और उसमें व्याप्त चेतना को समझ ही नहीं पा रहे।

सुशांत के नाम पर बिहार को गाली, बिहारी परिवारों को बताया जहरीला: शेखर गुप्ता की वेबसाइट की करतूत पर रवीश भी चुप

शेखर गुप्ता की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख में कहा गया है कि 'विषाक्त' बिहारी परिवारों में बच्चों पर श्रवण कुमार बनने की जिम्मेदारी होती है। बिहारी रवीश कुमार प्रदेश के अपमान पर चुप हैं।

हिंदुओं के लिए वही घृणा, राम मंदिर पर वही जहर: अयोध्या में नींव से बिलबिलाए वामपंथी और मजहब परस्त

येचुरी हो या ओवैसी। मंदिर तोड़ने की धमकी देने वाला मौलाना हो या 'मुल्ला मुलायम' का सांसद। भूमिपूजन के साथ ही सबके भीतर का जहर बाहर आने लगा है।

उनके प्रपंच का गुंबद था अयोध्या, ढह गया, पर राम मंदिर के उत्साह में मथुरा-काशी का दर्द न दबे

आज भले अयोध्या पर उनके प्रपंच का गुम्बद ढह गया है। लेकिन बाबरी मस्जिद बनाने के बाद से करीब 500 साल का इतिहास जोर, छल और प्रपंच का ही गवाह रहा।

क्यों मिलता है किसी गिलानी को ‘निशान-ए-पाकिस्तान’: कश्मीरियत को ‘पत्थरबाजी’ बनाने का यूँ रचा खेल

अब्दुल्ला और मुफ़्ती सईद खानदान की वंशवादी राजनीति से भी जम्मू-कश्मीर का आम नागरिक त्रस्त रहा है। दोनों ही खानदानों की तीसरी पीढ़ी...

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