विचार

सदियों से ईद की मुबारकबाद लेने वाले क्या श्रीराम मंदिर के जश्न में आपके साथ हैं?

आज खुद को श्रीराम से अलग बताने का समय नहीं। आत्मविश्लेषण करते हुए पूछने का समय है कि आज आपकी ख़ुशी में आपके कितने मुस्लिम और सेक्युलर मित्र आपके साथ खुश हैं?

काबुल की अँधेरी कब्र में बाबर और उजाले में आज की अयोध्या: राम हमारे DNA में और हमारी गर्भनाल अयोध्या में

1528 का साल हजारों वर्ष पुरानी अयोध्या पर भीषण वज्रपात का साल है। मंदिर मटियामेट कर दिए गए और आश्रम उजाड़ दिए गए। बारूद की गंध...

जम्मू-कश्मीर के नव-निर्माण का दस्तावेज है नई अधिवास नीति, आतंकी सोच पर चोट के लिए नियम हो और सरल

हालिया लागू की गई नई अधिवासन नीति से लम्बे समय से वंचित/उपेक्षित बहुत से तबकों को लाभ होगा। इन तबकों में वाल्मीकी समुदाय के लाखों लोग...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: अजीत भारती का विश्लेषण | Ajeet Bharti on NEP 2020

IIT से लेकर डीयू तक में अलग-अलग समस्याएँ हैं। बच्चे स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर शिक्षा ग्रहण करते हुए भी केवल रट्टा मारकर उत्तीर्ण होना चाहते हैं।

रवीश जी, आपका हर शो चुटकुला ही है, फिर कॉमेडी के लिए इतना परिश्रम काहे भाई!

भारत की पत्रकारिता में यह रवीश का सबसे बड़ा योगदान है। अच्छी योजनाओं और सरकारी कार्यों में भी, खोज-खोज कर कमियाँ बताई जाने लगी हैं। देखा-देखी बाकी वामपंथी एंकरों और पुराने चावल पत्रकारों ने भी, अपनी गिरती लोकप्रियता बनाए रखने के लिए, अपने दैनिक शौच से पहले और फेफड़ों से चढ़ते हर खखार (हिन्दी में बलगम) के बाद, मोदी और सरकार को गरियाना अपना परम कर्तव्य बना लिया है।

एक नारे से क्या होता है? ‘राम लला हम आएँगे, मंदिर वहीं बनाएँगे’ भी एक नारा ही था…

कई लोग अगस्त में ही दीपावली मानाने की तैयारी में भी दिखते हैं। वैसे इससे हमें दूसरा वाला नारा - काशी-मथुरा बाकी है, याद आ जाता है, मगर उससे दीयों के बजाए कुछ और ही जलने लगेगा! नहीं?

जब हुआ मंदिरों का ध्वंस, तब किस दोजख में था सौहार्द? – यह ‘हिंदू’ बनने का वक्त, ‘सेकुलर’ नौटंकी से बचो

क्या UP और केंद्र में BJP की सरकार न होती, तब भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह सब इतना ही आसान होता? 'अच्छा हिंदू' कहेगा कि क्यों नहीं?

गहलोत के 15 MLA हमारे साथ, आजाद होते ही आ जाएँगे: पायलट गुट के विधायक ने कॉन्ग्रेस की मुसीबत​ बढ़ाई

राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार से खतरा टलता नहीं दिख रहा। सचिन पायलट गुट के विधायक हेमाराम चौधरी के दावे ने पार्टी की मुसीबत और बढ़ा दी है।

राम मंदिर की नींव में मुस्लिम ईंट क्यों रखेगा: अजीत भारती का सवाल | Ajeet Bharti on Faiz Khan Ram Mandir issue

एक हिन्दू मंदिर की नींव में समुदाय विशेष का व्यक्ति ईंट क्यों रखेगा? इसके पीछे तर्क क्या है? आखिर वो करना क्या चाहते हैं? इसके पीछे एजेंडा क्या है?

सहिष्णुता और अधिकार, वामपंथ के टैक्टिकल हथियार: ऐयारों जैसा है कट्टरपंथी कम्युनिस्टों और इस्लामपंथियों का उदारवाद

ये नव-उदारवादी बहरूपिए ऐयारों की तरह दुनिया भर में इस्लामिस्ट्स और कम्युनिस्ट मानव अधिकारों, महिला अधिकारों, अल्पसंख्यक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सहिष्णुता की वकालत करते नज़र आते हैं।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें