छोटे से छोटे बच्चे के लिए पोर्न देखना आज के समय में इतना आसान हो गया है जैसे पहले रिमोट से चैनल बदलना हुआ करता था। इसी सुलभता के दुष्प्रभाव अब समाज झेल रहा है।
ऑपइंडिया से बात करते हुए अधिवक्ता शशांक शेखर झा ने पूछा कि पुलिस ने FIR में 304 की जगह कमजोर धारा 304A क्यों लगाई? उन्होंने कहा कि इस मामले में गलत संदेश गया है, अगर भीड़ ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा करने की बजाए खुद हिंसा करना शुरू कर दिया तो ये ठीक नहीं होगा।