विचार

बढ़ता आरक्षण हो, समान नागरिक संहिता या… कुछ और: संविधान दिवस बनेगा विमर्शों का कारण, पिछले 7 सालों में PM मोदी ने दी है...

विमर्शों का कोई अंतिम या लिखित निष्कर्ष निकले यह आवश्यक नहीं पर विमर्श हो यह आवश्यक है क्योंकि वर्तमान काल भारतीय संवैधानिक लोकतंत्र की यात्रा के मूल्यांकन का काल है।

राष्ट्रीय राजनीति में ममता बनर्जी क्या दे पाएँगी PM मोदी को टक्कर: चुके हुए कॉन्ग्रेसी-विपक्षी नेताओं के सहारे तलाश रहीं है नई भूमिका

राष्ट्रीय राजनीति में जिस भूमिका की तलाश में ममता बनर्जी हैं, उसे पहले से ही अस्तित्व के संकट से दो-चार हो रहे अन्य दलों के चुक गए नेताओं के सहारे पाना बड़ी चुनौती होगी।

बतौर गवर्नर 3 साल में 5 राज्य, पहले 6 बार बदली सत्यपाल मलिक ने पार्टी: जिस कॉन्ग्रेस ने जेल में ठूँसा, उसी के बने...

सत्यपाल मलिक को 3 साल में बिहार, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, गोवा और मेघालय का राज्यपाल बनाया गया। जानिए क्या रहा है उनका राजनीतिक इतिहास और चुनावों में प्रदर्शन।

केरल के हिंदुओं-ईसाइयों को कट्टरपंथी का तमगा… ‘थूक वाले होटलों’ या इस्लामी रूढ़ियों पर सवाल से दिक्कत क्यों?

केरल के लोगों ने "थूक वाले होटलों" से दूरी बनानी शुरू कर दी है। हालाँकि हंगामा हो गया है, लोगों को कट्टरपंथी का सर्टिफिकेट दिया जा रहा।

47 शैक्षिक/स्वास्थ्य संस्थाएँ चलाने वाला गोरखनाथ मंदिर, जिसके महंत को नेहरू काल में हुई थी जेल: राम मंदिर आंदोलन में बड़ा रोल

गोरखनाथ मंदिर 47 शैक्षिक और स्वास्थ्य संस्थान चलाता है, जहाँ सभी जाति-मजहबों के ज़रूरतमंदों की मदद होती है। जानिए पूर्वांचल की राजनीति और योगी आदित्यनाथ सहित यहाँ के अन्य महंतों के चुनावी इतिहास के बारे में।

ईशनिंदा कानून की माँग, यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध: भारत में हिंदू बना रहे सेकुलर, मुस्लिमों को चाहिए शरिया

मुस्लिम समाज औरों से धर्म निरपेक्षता की उम्मीद करता है पर खुद धर्मनिरपेक्ष होने के लिए तैयार नहीं है। बोर्ड के प्रस्ताव में केवल मुस्लिम समाज के ईशों की निंदा की बात की गई है।

भगवाधारी महंत के कंधे पर देश के सबसे बड़े नेता का हाथ: लखनऊ राजभवन के गलियारों से निकला सन्देश, जिसने ध्वस्त किए कई नैरेटिव

'पीएम मोदी ने योगी आदित्यनाथ को पैदल कर दिया' और जन्मदिन की बधाई नहीं दी' वाला नैरेटिव अब ध्वस्त हो गया है। देश के सबसे बड़े नेता का हाथ भगवाधारी महंत के कंधे पर है। लखनऊ राजभवन के गलियारों से निकला सन्देश क्या कहता है?

कृषि कानूनों की वापसी: BJP को उनकी ही वेबसाइट पर मौजूद ये पुस्तक पढ़नी चाहिए, जानिए क्यों

एक साल पहले जब किसान प्रदर्शनकारी दिल्ली के लिए निकले थे, तभी इस आंदोलन में खालिस्तानी तत्वों की उपस्थिति का स्पष्ट रूप से पता चल गया था।

12वीं की 2 बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न, दोनों ने की आत्महत्या: सुरक्षा बिना शिक्षा कब तक?

स्कूलों में बेटियों की अस्मत से लगातार खिलवाड़ हो रहा है। तमिलनाडु में पिछले एक हफ्ते में दो छात्राओं ने आत्महत्या की है।

पाकिस्तान-चीन ने किसानों में फैलाया प्रोपेगेंडा, राहुल-अखिलेश-ममता-केजरीवाल… सबका दुष्प्रचार यथार्थ पर भारी

कृषि बिल विरोध आड़ में हिन्दू सिख भाईचारे को भी नुकसान पहुँचाने की कोशिश हुईं। 26 जनवरी की लाल किले की घटना को इससे जोड़कर देखा जा सकता है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें