राजनैतिक मुद्दे

बंगाल की गद्दी किसे सौंपेंगी? गाँधी-पवार की राजनीति को साधने के लिए कौन सा खेला खेलेंगी सुश्री ममता बनर्जी?

ममता बनर्जी का यह दौरा पानी नापने की एक कोशिश से अधिक नहीं। इसका राजनीतिक परिणाम विपक्ष को एकजुट करेगा, इसे लेकर संदेह बना रहेगा।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में संघर्ष पुराना, आंतरिक सीमा विवाद सुलझाने में यहाँ अड़ी हैं पेंच: हिंसा रोकने के हों ठोस उपाय  

असम के मुख्यमंत्री नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के सबसे महत्वपूर्ण नेता हैं। उनके और साथ ही अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के लिए यह अवसर है कि दशकों से चल रहे आंतरिक सीमा विवाद का हल निकालने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाएँ।

जाति है कि जाती नहीं… यूपी में अब विकास दुबे और फूलन देवी भी नायक? चुनावी मेंढक कर रहे अपराधियों का गुणगान

किसी को ब्राह्मण के नाम पर विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला तो किसी को निषाद के नाम पर फूलन देवी याद आ रही है। वोट के लिए जातिवाद में अपराधियों को ही नायक क्यों बनाया जाता है?

‘कारगिल कमेटी’ पर कॉन्ग्रेस की कुण्डली: लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीतिक दृष्टिकोण का न हो मोहताज

हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।

रूठे कॉन्ग्रेसियों के लिए मौसम अच्छा… पर सचिन पायलट न सिद्धू हैं और न राजस्थान की आबोहवा पंजाब जैसी

पंजाब में सिद्धू की लड़ाई पार्टी के भीतर अपना 'कद' हासिल करने की थी, जबकि राजस्थान में पायलट अपना 'हक' हासिल करने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

16 अगस्त को ममता बनर्जी मना रहीं ‘खेला होबे दिवस’, 1946 की इसी तारीख को मुस्लिम लीग ने लॉन्च किया था ‘डायरेक्ट एक्शन डे’

16 अगस्त 1946 को हिंदुओं का कत्लेआम शुरू हुआ था, उसी तारीख को 'खेला होबे दिवस' मना क्या संदेश देना चाहती हैं ममता बनर्जी?

पंजाब कॉन्ग्रेस का एक ‘कैप्टन’-4 पहरेदार, असल में कौन सरदार: सिद्धू VS अमरिंदर में साफ न हो जाए ‘हाथ’

सिद्धू को पंजाब कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनाने से अंदरूनी विवाद कुछ दिनों के लिए भले शांत हो जाए, लेकिन दो पावर सेंटर होने से भविष्य में संकट और गहरा होगा।

सुरसा की तरह बढ़ती आबादी, मजहबी कुतर्कों से नहीं टलेगा खतरा: योगी सरकार के इस कदम पर बात करनी ही होगी

बढ़ती जनसंख्या के आर्थिक और राजनीतिक आयाम आज भी वही हैं जो पहले थे। यह समझने की आवश्यकता है कि इससे पैदा होनेवाले प्रश्न और खतरों को और पीछे नहीं फेंक सकते।

पंजाब कॉन्ग्रेस के अंदरूनी रिंग में AAP की एंट्री, राहुल से प्रशांत किशोर की मुलाकात: कहीं कोई तीसरी पार्टी तो नहीं कर रही इंतजार?

अब जबकि आम आदमी पार्टी ने भी रिंग में एक कदम रख दिया है, मामला उतना सीधा नहीं रहा। देखना यह है कि कहीं कोई और दल रिंग में अपना कदम न रख दे।

‘आतंकवाद के आरोपित जेल में बंद मुस्लिमों का केस वापस’ – चुनाव के समय अखिलेश यादव ने कहा था, चुनाव फिर आने वाला है

अखिलेश यादव और मायावती के बयानों को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता... क्योंकि यहाँ POTA आता है, हटाया जाता है, ब्लास्ट होते हैं।

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