पूरे विश्व में हर तीन में से एक महिला किसी न किसी तरह के उत्पीड़न/ हिंसा का शिकार होती हैं। समय की माँग है कि हम एक जागरूक नागरिक की भांति आत्ममंथन करें।
श्रद्धा वाकर की ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर हैं जिसमें उसके चेहरे पर पिटाई के निशान हैं। ये निशान सवाल करते हैं कि आखिर उसने आफताब को क्यों नहीं छोड़ा होगा?
भले 500 साल के संघर्ष के बाद हिंदुओं को अयोध्या में मंदिर का अधिकार मिला, लेकिन मस्जिद बनाने के लिए भी उनका 'समर्पण' ऐसा है कि पैसा देने के मामले में मुस्लिमों को ही पीछे छोड़ दिया है।
16 साल की उम्र लड़की के विकास का समय होता है। इस दौरान उसे वो संभावनाएँ तलाशनी चाहिए कि वो कैसे जीवन में आगे बढ़े, न कि इस गुमान में कि उस पर सेक्स का अधिकार है।
बॉलीवुड में सालों से परोसे जा रहे हिंदूफोबिक कंटेंट की कोई गिनती नहीं है...हर दूसरी तीसरी फिल्म के जरिए बॉलीवुड अपना स्तर दिखा देता है। अब यही हाल इन्होंने विज्ञापनों में है।