इस्तीफा देने वाले कॉन्ग्रेस विधायकों में से 6 आज स्पीकर से मिलेंगे। स्पीकर ने इन विधायकों से मिलकर इस्तीफे की सत्यता बताने को कहा था। 6 विधायकों को आज, 7 को शनिवार और बाकी 9 विधायकों को रविवार को उपस्थित होना है।
पीएम मोदी ने अपनी वर्ल्ड लीडर की छवि के अनुसार, दक्षिण एशियाई देशों के संगठन दक्षेस (SAARC) में शामिल देशों से आह्वान किया है कि सभी आठ राष्ट्राध्यक्ष विडियो कॉन्फ्रेसिंग से जुड़कर कोरोना के खिलाफ एकजुट लड़ाई पर चर्चा करें।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के कुछ प्रावधानों को निष्क्रीय करने और विशेष राज्य का दर्जा समाप्त होने के बाद से घाटी में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए वहाँ के स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर लिया गया था।
सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद ईओडब्ल्यू ने जमीन घोटाले की फिर से जाँच शुरू की है। 10 हजार करोड़ रुपए के इस मामले की पहली बार जॉंच शिवराज सरकार के जमाने में हुई थी। सबूत न मिलने पर फाइल बंद कर दी गई थी।
“दिल्ली में हुए दंगों की जाँच पड़ताल में सोशल मीडिया में 60 ऐसे अकाउंट मिले हैं जो 22 फरवरी को शुरू हुए और 26 फरवरी को बंद हो गए। अगर ये लोग सोचते हैं कि अकाउंट बंद करके वो बच जाएँगे तो मैं बता दूँ कि वो जहाँ पर भी हैं पुलिस उनको ढूँढ निकालेगी।”
"प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसके बाद भी पीड़ित किसानों का दर्द नहीं सुना जा रहा है। मंत्रियों को टाइट करने की जरूरत है। साथ ही उन दो-तीन विधायकों को भी जो खुद को मुख्यमंत्री से भी ऊपर समझ रहे हैं।"
"कॉन्ग्रेस के समय में दंगे हुए, इन्होंने दंगों को शांत करने का प्रयास किया होगा और हम भी दंगों को शांत करेंगे। परन्तु इसको मेरी पार्टी और विचारधारा पर मढ़ने का प्रयास निंदनीय है, जब हकीकत ये है कि कॉन्ग्रेस के शासन में 76% लोग दंगों में मारे गए हैं।"
बीजेपी से जुड़ने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया आज पहली बार भोपाल पहुँचे जहाँ उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। जनसभा के दौरान सिंधिया ने कहा कि आज यह उनका सौभाग्य है कि जिस दल को अपने पसीने और पूँजी के साथ उनकी दादी ने स्थापित किया, जिस दल में 26 साल की उम्र में पहली बार जनसेवा का पथ अपनाकर उनके पूज्य पिता जी चले थे आज उसी दल में ज्योतिरादित्य सिंधिया प्यार लेकर आया है।
ये दोनों ही मंत्री जबरन बागी विधायकों से मिलने की कोशिश कर रहे थे। इस पर कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा के दबाव में उसके दोनों नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इन मंत्रियों के साथ विधायक मनोज चौधरी के पिता नारायण चौधरी भी मौजूद थे।
"मैं सदन को और सदन के माध्यम से देश को विश्वास दिलाता हूँ कि दंगो के लिए जिम्मेदार लोग और दंगों का षड्यंत्र करने वाले लोग, चाहे वे किसी भी जाति, मजहब या पार्टी के हो, उन्हें किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।"