रॉय के लेटरहेड में देखा जा सकता है कि फिलहाल वो किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं। बावजूद वह अपने लेटरहेड पर राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। कानूनन किसी व्यक्ति और निजी संगठन के लिए इसका उपयोग प्रतिबंधित है।
पीएम मोदी ने लोगों से 5 अप्रैल की रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घर की सभी लाइटें बंद कर दीया, मोमबत्ती या टॉर्च जलाने की अपील कर रखी है। टीएमसी से जुड़े प्रसून भौमिक ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि जो ऐसा करेंगे उनके घरों के दरवाजे पर निशान लगा कर चिह्नित किया जाएगा।
5 लाख गायों के रहने की व्यवस्था के लिए 5000 शेल्टर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी 'डेली ब्रीफिंग' के दौरान इन गायों के बारे में ज़रूर पूछते हैं। लॉकडाउन के दौरान जानवरों को खिलाने के लिए कई कर्मचारियों व एनजीओ के स्वयंसेवकों को लगाया गया है।
एक महिला ने कहा कि एक तरफ़ कोरोना वायरस से संक्रमण का प्रकोप है, दूसरी तरफ़ कोई मरने के लिए कीड़ों वाला खाना क्यों खाएगा? महिला ने कहा कि खाना अधपका है, जिससे बच्चों के भी बीमार होने का ख़तरा है।
इस तरह के लोगों का इलाज करने की जरूरत ही क्या है? इन्हें बुरी तरह पीटते हुए विडियो बना कर उसे वायरल कर देना चाहिए। जिससे लोगों में सरकार के प्रति कुछ भरोसा पैदा हो।"
आप गिनते जाएँगे, लेकिन जमात सदस्यों के कारनामें खत्म नहीं होंगे। बावजूद इनकी करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश शुरू हो गई। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री की मानें तो इसकी वजह 'भाषा' है। अस्पताल कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार इसलिए हो रहा, क्योंकि जमात के सदस्य हिंदी-अंग्रेजी नहीं जानते हैं।
"ये ना कानून को मानेंगे, ना व्यवस्था को मानेंगे। ये मानवता के दुश्मन हैं। इन्होंने महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ जो किया है वो जघन्य अपराध है। इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जा रहा है। हम इन्हें छोड़ेंगे नहीं।"
"इस रविवार को कोरोना के अंधकार को चुनौती देनी है। 5 अप्रैल को रात 9 बजे सबके 9 मिनट चाहिए। घर की सभी लाइट बंद कर, घर के दरवाजे पर, बॉलकनी में खड़े होकर 9 मिनट, मोमबत्ती, दीया, टॉर्च, फ्लैशलाइट जलाएँ।"
"सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग से अस्पताल की व्यवस्था हो। इलाज करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा के उपाय किए जाएँ। COVID-19 के उपचार के संबंध में डॉक्टरों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग की सुविधा भी प्रदान की जाए।"
जमात के इज्तिमा में शामिल लोगों की देशभर में तलाश की जा रही है। झारखंड में इनमें से एक नाम मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के बेटे तनवीर का भी है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि मंत्री पर इस बात को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। हालॉंकि उनका पूरा परिवार होम क्वारंटाइन में चला गया है।