बीबीसी का कहना था कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के पूर्वजों ने पाकिस्तान को ठुकराया था और भारत को अपनाया था। इसके जवाब में भाजपा के फायरब्रांड नेता योगी ने कहा कि उन लोगों ने पाकिस्तान न जाकर भारत पर कोई एहसान नहीं किया है।
टीएमसी नेता अमल सरकार और उसके समर्थकों ने शिक्षिका को लोहे की रॉड से मारा। हाथ-पैर बाँध लगभग 30 फीट तक जमीन पर घसीटते हुए ले गए। फिर एक कमरे में बंद कर दिया। शिक्षिका की मॉं और बहन के साथ भी मारपीट की गई।
सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिहार में चल रहे प्रोपेगेंडा के तहत गाँव-गाँव घूम रहे सीपीआई के नेताओं को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान लोगों ने सीपीआई नेताओं को काले झंडे तो दिखाए ही साथ ही काफ़िले में मौजूद कन्हैया कुमार के ख़िलाफ़ जमकर मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
मोदी-विरोध में डूबे कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य को आईना दिखाया है अमोल ने। CAA-NRC से लेकर तान्हाजी Vs छपाक और गोडसे-गाँधी से लेकर केजरीवाल-JNU तक - कार्टूनिस्ट सतीश के प्रोपेगेंडा को कार्टून से ही जवाब दिया है अमोल ने।
सोशल मीडिया पर लोगों ने अरविंद केजरीवाल से अपील की है कि वे जहाँ कहीं भी हों, पीड़ित के रुपए दे दें क्योंकि वो बेरोजगार है और उसने जॉब की उम्मीद में ये काम करना स्वीकार किया था।
घटना 31 जनवरी की बताई जा रही है। तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है। स्कूल प्रबंधन ने इसकी शिकायत करते हुए सुरक्षा की माँग की है। लेकिन, पुलिस मामला दर्ज करने में आनाकानी कर रही है।
मास्टरमाइंड शरजील इमाम पर शिकंजा कसने के बाद शाहीन बाग के उपद्रवी विरोध-प्रदर्शन बंद करने बहाना ढूँढ रहे हैं। हिन्दू सेना की धमकी, जामिया नगर फायरिंग और शाहीन बाग़ फायरिंग का हवाला दे लोगों से जमा होने का कहा जा रहा है।
ऑपइंडिया ने अपनी ख़बर में दिवंगत नीरज के परिजनों के हवाले से बताया था कि झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार पीड़ित परिवार पर लगातार दबाव बना रही है कि वो मीडिया व पुलिस में कहें कि नीरज प्रजापति की मौत बाथरूम में फिसलने के कारण हुई। अमित मालवीय ने भी इस आरोप की पुष्टि की है।
उमा भारती, सिंधिया और विजयवर्गीय की गर्मजोशी से हुई मुलाक़ात भोपाल के गलियारों में चर्चा बटोर रही है। सिंधिया को लेकर कयासों का दौर अरसे से लग रहा है। बीच-बीच में उनके समर्थक प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार को असहज करने वाले बयान भी देते रहते हैं।