“ये मुट्ठी भर लोग, केवल एक परसेंट लोग, हमारा पैसा, देश का पैसा, टैक्स का पैसा खाकर, मुर्दाबाद करेंगे? योगी और मोदी को तुम जिंदा दफन करोगे? मैं तुम्हें जिंदा दफन कर दूँगा। मोदी-योगी देश और प्रदेश को चलाएँगे और ऐसे ही चलाएँगे, जैसे चला रहे हैं।”
राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए इस रिपोर्ट का नाम दिया गया है- “उत्तर प्रदेश में आए पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं बांग्लादेश के शरणार्थियों की आपबीती कहानी” - इस रिपोर्ट में शरणार्थियों की निजी कहानियाँ और अनुभव भी समाहित हैं।
दिल्ली में होने वाली विपक्ष की बैठक में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के बाद अब मायावती की बहुजन समाज पार्टी, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और शिवसेना ने भी शामिल होने से इनकार कर दिया है।
BJP राज्य सचिव एके नजीर पर एक मस्जिद के अंदर घातक हमला किया गया। वह 'जन जागृति’ रैली में शामिल होकर CAA पर लोगों को जागरुक कर रहे थे। इस रैली के तुरंत बाद वो मस्जिद में नमाज़ के लिए गए। यहीं पर घात लगाए लोगों ने...
"हमारी संस्कृति में ऐसा कहा जाता है कि किसी गाय को छूने से हमारी नकारात्मकता दूर हो जाती है।" - कॉन्ग्रेसी मंत्री यशोमति के इस भाषण के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है। लोग उन्हें भाजपाई करार दे रहे हैं।
“भारत में दो करोड़ मुस्लिम घुसपैठिए हैं। अकेले पश्चिम बंगाल में एक करोड़ घुसपैठिए हैं। तुम यहाँ आते हो, हमारा खाना खाते हो, यहाँ रहते हो और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हो। क्या यह तुम्हारी जमींदारी है? हम तुम्हें लाठियों से मारेंगे, गोली मारेंगे और तुम्हें जेल में डाल देंगे।”
"आज सारे कॉन्ग्रेसी पूरे देश में सीएए का विरोध कर रहे हैं। केंद्र ने जो किया, गाँधी जी भी ऐसा ही चाहते थे। राहुल बाबा, आप गाँधी जी की भी नहीं सुनोगे। गाँधी जी ने आश्वासन दिया था कि पाक से भगाए गए लोग यहाँ आएँगे तो उन्हें नागरिकता मिलेगी।"
अप्रैल 29, 2000। जेएनयू की वो कहानी, जो आज तक दबी हुई है। वहाँ हुए पाकिस्तानी मुशायरे में कारगिल युद्ध के दो सैन्य अधिकारियों को सिर्फ़ इसलिए पीटा गया क्योंकि उन्होंने भारत-विरोधी टिप्पणियों पर आपत्ति जताई थी। उस आयोजन में बड़ी रक़म ख़र्च की गई थी।
CAA के विरोध-प्रदर्शन के दौरान इस तरह के पोस्टर्स को देखकर हँसी आती है। ऐसे प्रदर्शनकारियों के बारे में यही कहा जा सकता है कि उन्हें CAA के बारे में पहले पढ़ लेना चाहिए, ताकि उन्हें सच्चाई का पता चल सके। अगर उन्होंने CAA से जुड़ी जानकारी को पढ़ा होता तो वे इस तरह के बचकाने सवाल ही न पूछते।
“पश्चिम बंगाल की, देश की भावना को नमन करते हुए मैं कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम, औद्योगीकरण के प्रणेता, बंगाल के विकास का सपना लेकर जीने वाले और एक देश-एक विधान के लिए बलिदान देने वाले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा करता हूँ।"