Thursday, October 22, 2020
Home राजनीति BJP सत्ता में कैसे? और वो 2 सवाल... 'पढ़े-लिखे' कॉन्ग्रेसी नेता थरूर ने जवाब...

BJP सत्ता में कैसे? और वो 2 सवाल… ‘पढ़े-लिखे’ कॉन्ग्रेसी नेता थरूर ने जवाब देने के बजाय फैलाया भ्रम

1. वोटर आईडी नागरिकता का प्रमाण नहीं? 2. आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं? 3. पैन कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं? - इन सवालों के जवाब देने के बजाय शशि थरूर ने सांसद होने के बावजूद फैलाया भ्रम। हालाँकि दुनिया उन्हें पढ़ा-लिखा मानती है!

जब से मोदी सरकार ने तीन पड़ोसी देशों के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने के लिए ऐतिहासिक नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित कर क़ानून बनाया, तब से कॉन्ग्रेस पार्टी सरकार को बदनाम करने पर उतारू है। और इसके लिए CAA के ख़िलाफ़ लगातार ग़लत जानकारी के प्रचार-प्रसार में जुटी हुई है। इसी कड़ी में, कॉनग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने शनिवार को नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के प्रावधानों पर जनता को गुमराह करने के लिए आधे-अधूरे सच का प्रचार किया।

इसके लिए उन्होंने ट्विटर पर हाथ में पोस्टर पकड़े हुए एक प्रदर्शनकारी की इमेज पोस्ट की। इसमें वो प्रदर्शनकारी स्पष्ट रूप से मोदी सरकार से कुछ सवाल पूछ रहा है। शशि थरूर ने उस भ्रमित युवक को सही जानकारी देने के बजाए उसके फ़ोटो का इस्तेमाल सरकार के ख़िलाफ़ प्रचार-प्रसार करने के लिए किया, ताकि लोगों में हमेशा भ्रम की ही स्थिति बनी रहे।

अब आपको बताते हैं कि उस प्रदर्शनकारी के हाथ में जो पोस्टर था, उसमें मोदी सरकार से कौन से तीन सवाल पूछे गए थे।

पहला सवाल- अगर वोटर आईडी नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो भाजपा सत्ता में कैसे है? 

दूसरा सवाल- अगर आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो इसे बैंक खाते क्यों जोड़ा गया?

तीसरा सवाल- अगर पैन कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो इसका इस्तेमाल सरकार द्वारा आयकर जमा करने के लिए क्यों किया जा रहा है?

नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध-प्रदर्शन के दौरान इस तरह के पोस्टर्स को देखकर हँसी आती है। ऐसे प्रदर्शनकारियों के बारे में यही कहा जा सकता है कि उन्हें CAA के बारे में पहले पढ़ लेना चाहिए, ताकि उन्हें सच्चाई का पता चल सके। अगर उन्होंने CAA से जुड़ी जानकारी को पढ़ा होता तो वे इस तरह के बचकाने सवाल ही न पूछते। ऐसा इसलिए क्योंकि पूरे नागरिकता संशोधन क़ानून में ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं है, जहाँ भारतीय नागरिकों से उनकी नागरिकता साबित करने का प्रमाण माँगा गया हो। जबकि सच्चाई यह है कि नागरिकता संशोधन क़ानून भारत की संसद द्वारा पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान के उत्पीड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने के लिए पारित किया गया है।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता थरुर उस प्रदर्शनकारी युवक को अगर सही जानकारी से अवगत कराना चाहते तो करा सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। आपको बता दें कि केवल वही लोग जो 18 वर्ष से अधिक आयु के हैं, वोटर आईडी पाने की योग्यता रखते हैं। इसलिए, सिर्फ़ मतदाता पहचान पत्र को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। और रही बात इस सवाल की कि भाजपा सत्ता में क्यों है, तो इसका जवाब है – 18 साल से अधिक आयु के अधिकांश भारतीयों ने इसके लिए मतदान किया। अब एक संसद सदस्य के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल में पहुँचने वाले व्यक्ति (शशि थरूर) को निश्चित रूप से इस बारे में पता ही होगा कि चुनाव प्रक्रिया काम कैसे करती है। और उन्हें यह भी पता होगा कि वो और उनकी पार्टी सत्ता से बाहर क्यों है!

इसके अलावा, आधार कार्ड देश के हर निवासी को दिया जाता है, न कि केवल नागरिकों को। इसका दूसरा पहलू यह है कि वित्तीय धोखाधड़ी को ख़त्म करने के लिए इसे बैंक खातों से जोड़ा गया। इसके अलावा, आधार को बैंकों से जोड़ने से ऐसे खाताधारकों को मदद मिलती है, जिनका खाता प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोला गया और इसके लिए पैन कार्ड की ज़रूरत नहीं होती और इस तरह, ग़रीबों के लिए सब्सिडी सीधे बैंक उनके खातों में जाती है। इससे ग़रीबों को बिचौलियों से छुटकारा मिलता है।

अब बात अंतिम सवाल का। पैन कार्ड का संबंध आयकर रिटर्न से है, आयकर का भुगतान करने के लिए इसकी ज़रूरत भारतीयों के अलावा विदेशियों को भी पड़ती है। आयकर अधिनियम 1961 के अनुसार, अगर कोई भारत में धन कमाता है तो उसे आयकर का भुगतान करना होता है। ख़ुद एक विधिवेत्ता होने के नाते शशि थरूर से यह उम्मीद तो लगाई ही जा सकती है कि उन्हें भारत में काम करने के तरीके से जुड़ी मूल बातें पता होंगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल उनसे ही है कि आखिर वो बताएँगे कैसे? उन्हें तो प्रोपेगेंडा फैलाना है!

पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का नहीं? शशि थरूर ने भारत का ग़लत नक़्शा पोस्ट कर तो यही संदेश दिया!

रामचंद्र गुहा को मुक्का किसने मारा? पुलिस ने धमकी दी या मार दिया? – शशि थरूर के Viral वीडियो का सच

FACT CHECK: शशि थरूर ने नेहरू की फोटो को लेकर फैलाया झूठ, ‘इंदिरा’ को लिखा ‘इंडिया’

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पैगंबर मोहम्मद के ढेर सारे कार्टून… वो भी सरकारी बिल्डिंग पर: फ्रांस में टीचर के गला काटने के बाद फूटा लोगों का गुस्सा

गला काटे गए शिक्षक सैम्युएल पैटी को याद करते हुए और अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करने के लिए पैगम्बर मोहम्मद के कार्टूनों का...

कपटी वामपंथियो, इस्लामी कट्टरपंथियो! हिन्दू त्योहार तुम्हारी कैम्पेनिंग का खलिहान नहीं है! बता रहे हैं, सुधर जाओ!

हिन्दुओ! अपनी सहिष्णुता को अपनी कमजोरी मत बनाओ। सहिष्णुता की सीमा होती है, पागल कुत्ते के साथ शयन नहीं किया जा सकता, भले ही तुम कितने ही बड़े पशुप्रेमी क्यों न हो।

खून पर खून और खून के बदले खून: बिहार में जातीय नरसंहार के बूते लालू ने कुछ यूँ खड़ी की थी ‘सामाजिक न्याय’ की...

अगस्त 12-13, 1992 का दिन। गया जिला का बारा गाँव। माओवादियों ने इलाके को घेरा और 'भूमिहार' जाति के 35 लोग घर से निकाले गए। पास में एक नहर के पास ले जाकर उनके हाथ बाँधे गए और सबका गला रेत कर मार डाला गया। लालू राज में जाति के नाम पर ऐसी न जाने कितनी घटनाएँ हुईं।

पेरिस में कट्टर मुस्लिम ने शिक्षक की गर्दन काट दी, ऐसे लोगों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए |...

जानकार कहते हैं कि असली इस्लाम तो वही है, जो कट्टरपंथी जीते, क्योंकि वो काफिरों को कत्ल के योग्य मानते हैं।

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: गया से 7 बार से विधायक, कृषि मंत्री प्रेम कुमार से बातचीत| 7-time MLA Prem Kumar interview

हमने प्रेम कुमार से जानने की कोशिश की कि 7 साल जीत मिलने के बाद वो 8वीं पर मैदान में किस मुद्दे और रणनीति को लेकर उतरे हैं।

नक्सलवाद कोरोना ही है, राजद-कॉन्ग्रेस नया कोरोना आपके बीच छोड़ना चाहते हैं: योगी आदित्यनाथ

नक्सलवाद को कोरोना बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद और कॉन्ग्रेस भाकपा (माले) के रूप में आपके बीच एक नए कोरोना को छोड़ना चाहते हैं।

प्रचलित ख़बरें

मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

कपटी वामपंथियो, इस्लामी कट्टरपंथियो! हिन्दू त्योहार तुम्हारी कैम्पेनिंग का खलिहान नहीं है! बता रहे हैं, सुधर जाओ!

हिन्दुओ! अपनी सहिष्णुता को अपनी कमजोरी मत बनाओ। सहिष्णुता की सीमा होती है, पागल कुत्ते के साथ शयन नहीं किया जा सकता, भले ही तुम कितने ही बड़े पशुप्रेमी क्यों न हो।

सूरजभान सिंह: वो बाहुबली, जिसके जुर्म की तपिश से सिहर उठा था बिहार, परिवार हो गया खाक, शर्म से पिता और भाई ने की...

कामदेव सिंह का परिवार को जब पता चला कि सूरजभान ने उनके किसी रिश्तेदार को जान से मारने की धमकी दी है तो सूरजभान को उसी के अंदाज में संदेश भिजवाया गया- “हमने हथियार चलाना बंद किया है, हथियार रखना नहीं। हमारी बंदूकों से अब भी लोहा ही निकलेगा।”

मुंबई: पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर इकबाल शेख ने ‘फेक TRP स्कैम’ में रिपब्लिक टीवी की रिपोर्टिंग रोकने के लिए अदालत की ली शरण

मुंबई पुलिस के पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर इकबाल शेख ने मुंबई के एक कोर्ट में याचिका दायर कर रिपब्लिक टीवी, आर भारत और अर्नब गोस्वामी पर कथित TRP घोटाले की रिपोर्टिंग से रोक लगाने की माँग की है।

‘अर्नब इतने हताश हो जाएँगे कि उन्हें आत्महत्या करनी पड़ेगी’: स्टिंग में NCP नेता और उद्धव के मंत्री नवाब मलिक का दावा

NCP मुंबई के अध्यक्ष और उद्धव सरकार में अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि अर्नब इसमें स्पष्ट रूप से फँस चुके हैं और इसका असर उनकी मानसिक अवस्था पर पड़ेगा।
- विज्ञापन -

पैगंबर मोहम्मद के ढेर सारे कार्टून… वो भी सरकारी बिल्डिंग पर: फ्रांस में टीचर के गला काटने के बाद फूटा लोगों का गुस्सा

गला काटे गए शिक्षक सैम्युएल पैटी को याद करते हुए और अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करने के लिए पैगम्बर मोहम्मद के कार्टूनों का...

मुनव्वर राणा की बेटी उरूसा ने थामा कॉन्ग्रेस का हाथ, CAA विरोध प्रदर्शन से आई थी चर्चा में

शायर मुनव्वर राणा की बेटी उरूसा कॉन्ग्रेस में शामिल हो गई हैं। इससे पहले उरूसा लखनऊ में हुए CAA विरोध प्रदर्शनों के कारण चर्चा में आई थी।

यूथ कॉन्ग्रेस प्रमुख ने मोदी सरकार के बिहार पैकेज पर फैलाई फर्जी सूचना, BJP अध्यक्ष के बयान में घुसाई अपनी गणित

यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष ने मोदी सरकार द्वारा स्वीकृत कुल पैकेज के रूप में स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों पर होने वाले खर्च को झूठा मानते हुए आरएसएस की शाखाओं पर कटाक्ष करने की कोशिश की।

कपटी वामपंथियो, इस्लामी कट्टरपंथियो! हिन्दू त्योहार तुम्हारी कैम्पेनिंग का खलिहान नहीं है! बता रहे हैं, सुधर जाओ!

हिन्दुओ! अपनी सहिष्णुता को अपनी कमजोरी मत बनाओ। सहिष्णुता की सीमा होती है, पागल कुत्ते के साथ शयन नहीं किया जा सकता, भले ही तुम कितने ही बड़े पशुप्रेमी क्यों न हो।

खून पर खून और खून के बदले खून: बिहार में जातीय नरसंहार के बूते लालू ने कुछ यूँ खड़ी की थी ‘सामाजिक न्याय’ की...

अगस्त 12-13, 1992 का दिन। गया जिला का बारा गाँव। माओवादियों ने इलाके को घेरा और 'भूमिहार' जाति के 35 लोग घर से निकाले गए। पास में एक नहर के पास ले जाकर उनके हाथ बाँधे गए और सबका गला रेत कर मार डाला गया। लालू राज में जाति के नाम पर ऐसी न जाने कितनी घटनाएँ हुईं।

पेरिस में कट्टर मुस्लिम ने शिक्षक की गर्दन काट दी, ऐसे लोगों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए |...

जानकार कहते हैं कि असली इस्लाम तो वही है, जो कट्टरपंथी जीते, क्योंकि वो काफिरों को कत्ल के योग्य मानते हैं।

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: गया से 7 बार से विधायक, कृषि मंत्री प्रेम कुमार से बातचीत| 7-time MLA Prem Kumar interview

हमने प्रेम कुमार से जानने की कोशिश की कि 7 साल जीत मिलने के बाद वो 8वीं पर मैदान में किस मुद्दे और रणनीति को लेकर उतरे हैं।

नक्सलवाद कोरोना ही है, राजद-कॉन्ग्रेस नया कोरोना आपके बीच छोड़ना चाहते हैं: योगी आदित्यनाथ

नक्सलवाद को कोरोना बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद और कॉन्ग्रेस भाकपा (माले) के रूप में आपके बीच एक नए कोरोना को छोड़ना चाहते हैं।

राहुल गाँधी ने किया जातीय हिंसा भड़काने के आरोपित PFI सदस्य सिद्दीक कप्पन की मदद का वादा, परिवार से की मुलाकात

PFI सदस्य और कथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन के परिवार ने इस मुलाकात में राहुल गाँधी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की माँग कर कप्पन की जल्द रिहाई की गुहार लगाई।

पेरिस: ‘घटिया अरब’ कहकर 2 बुर्के वाली मुस्लिम महिलाओं पर चाकू से हमला, कुत्ते को लेकर हुआ था विवाद

पेरिस में एफिल टॉवर के नीचे दो मुस्लिम महिलाओं को कई बार चाकू मारकर घायल कर दिया गया। इस दौरान 'घटिया अरब' कहकर उन्‍हें गाली भी दी गई।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
78,946FollowersFollow
335,000SubscribersSubscribe