एलन सुहैब और थाहा फ़ज़ल पर आरोप था कि वे पलक्क्ड़ में अक्टूबर माह में मारे गए संदिग्ध माओवादियों के एनकाउंटर के विरोध के नाम पर माओवादी पर्चे बाँट रहे थे।
पंजाब के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु का कहना है कि डीएसपी पिछले तीन महीने से उन्हें गालियाँ दे रहे हैं, वह इस इंतज़ार में थे कि डीएसपी उन्हें गालियाँ देना कब बंद करेंगे, उनका यह सिलसिला रुका ही नहीं।
उन्होंने भारत को सभी धर्मों का देश बताते हुए कहा कि कोई भी धर्म ऐसा नहीं है, जो घृणा, हिंसा और क्रोध को बढ़ावा देता हो। राहुल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग इस देश को धर्म और संप्रदाय के आधार पर बाँटना चाह रहे हैं। राहुल ने कहा कि जीडीपी की विकास दर मात्र 2% है और बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर है।
कुछ लोग इस मत के हैं कि टीपू के शासन की असलियतें जैसे हिन्दुओं को हाथियों के पैरों से बाँध कर मारना आदि, पाठ्यक्रम में शामिल कर इस्लामी शासन की पोल खोली जाए।
शायद राहुल गाँधी को यह नहीं पता कि विदेशों में भी रेप होते हैं और बहुत ही विभत्स होते हैं। लेकिन नहीं! इन्हें तो सिर्फ राजनीति करनी है। मुद्दा फिर चाहे रेप जैसा गंभीर ही क्यों न हो, ये करेंगे राजनीति ही! तभी तो विदेशी मीडिया की बातों को...
"रिव्यू पिटिशन पर जो भी फ़ैसला होगा, वो चाहे हमारे हक़ में आए या न आए, हमको वो फ़ैसला भी क़बूल है। लेकिन, यह भी एक हक़ीक़त है कि क़यामत तक बाबरी मस्जिद जहाँ थी, वहीं रहेगी। चाहे वहाँ पर कुछ भी बन जाए। वो मस्जिद थी, मस्जिद है... मस्जिद ही रहेगी।"
उन्होंने कहा कि उनके साथ वही हो रहा है, जो औरंगज़ेब ने छत्रपति शिवाजी के साथ किया था। राज्यपाल ने कहा कि सरकार में पाँच-छह ऐसे मंत्री हैं जो उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें सूचित किए बिना ही विश्वविद्यालयों में वीसी की नियुक्ति कर दी जा रही है।
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का बयान भी इस आरोप की पुष्टि करता है कि अगर राजीव गाँधी ने कॉन्ग्रेस नेताओं के नेतृत्व में किए जा रहे दंगे को रोकने के लिए सेना को बुलाने की अपील पर ध्यान दिया होता तो 1984 के सिख नरसंहार को रोका जा सकता था।