बाल ठाकरे की पुण्यतिथि पर सरकार बनाने का उद्धव का सपना नहीं हुआ पूरा। सोनिया गॉंधी के रुख ने बढ़ाई परेशानी। पुणे में पार्टी नेताओं से चर्चा कर आगे की रणनीति बनाएँगे शरद पवार।
विधायक राजा सिंह ने 'ओवैसी, भारत छोड़ो' का नारा देते हुए कहा कि उनकी तरह मानसिकता रखने वाले सभी लोगों को देश से बाहर जाना चाहिए। कई अन्य लोगों ने भी उनका समर्थन किया। इसके बाद ट्विटर पर 'ओवैसी भारत छोड़ो' का ट्रेंड भी चलने लगा।
संजय राउत ने अति-आत्मविश्वास का प्रदर्शन करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार न सिर्फ़ अगले 5 साल, बल्कि 25 सालों तक चलेगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर इन तीनों दलों की सरकार बन भी जाती है तो वो 6 महीने से ज्यादा नहीं चल पाएगी।
राज्यपाल के साथ होने वाली बैठक में शिवसेना, एनसीपी और कॉन्ग्रेस नेताओं का तीन-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल राज्य को एक मजबूत प्रशासन प्रदान करने के तरीकों पर चर्चा करने वाला था, जिसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
"हम पहले भी कह चुके हैं कि अभिभावकों को यह विकल्प दिया जाना चाहिए कि वे अपने बच्चों को अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाना चाहते हैं या नहीं। कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी स्कूलों को अंग्रेज़ी माध्यम में बदलने का फ़ैसला..."
बीजेपी नेता मिश्र प्रखर राष्ट्रवादी और कट्टर हिंदूवादी छवि वाले नेता माने जाते हैं। हाल ही में इन्होंने एक कार्यकर्ता की हत्या को लेकर भीड़ को संबोधित करते हुए समुदाय विशेष अल्पसंख्यकों पर हमला किया था। जिसके बाद से ही इनके पास धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए थे।
“राज्य सरकार सबरीमाला मंदिर जाने वाली किसी भी महिला को सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी। तृप्ति देसाई जैसी कार्यकर्ताओं को सबरीमाला को अपनी शक्ति प्रदर्शन के स्थान के रूप में नहीं देखना चाहिए। अगर उन्हें पुलिस सुरक्षा की जरूरत है, तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट से आदेश लेकर आना होगा।”
शिवसेना के हिंदुत्ववादी छवि को त्यागने और कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन करने के पीछे सत्तार की अहम भूमिका मानी जा रही है। चुनाव से ठीक पहले कॉन्ग्रेस और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी की गठबंधन सरकार में पशुपालन मंत्री रहे अब्दुल सत्तार ने.....
एक तरफ जहाँ बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि (17 नवंबर) को सरकार बनाने की बात सामने आ रही है वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार का कहना है कि सरकार बनने में अभी वक्त लगेगा।