देशद्रोही ओवैसी, भारत छोड़ो: BJP विधायक के बयान के बाद लोगों ने कहा- हमें 30000 मंदिर वापस चाहिए

लोगों ने पूछा कि अगर असदुद्दीन ओवैसी लगातार बयानबाजी कर रहे हैं तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? ओवैसी ने विरोध के बावजूद अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया है और वो अपने बयान पर कायम हैं।

असदुद्दीन ओवैसी के बयान को लेकर राजनीति तेज़ हो गई है। भारत में अलग-अलग हिस्से से लोगों ने ओवैसी के बयान के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है। राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आने के कुछ ही दिनों बाद ओवैसी ने ट्विटर पर लिखा कि उन्हें उनकी मस्जिद वापस चाहिए। उनके इस बयान पर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिन्दुओं को भी 30,000 मंदिर वापस चाहिए, जिन्हें तोड़ कर इस्लामिक आक्रांताओं ने मस्जिदें बनाईं। कई लोगों ने इसे सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का अपमान के रूप में देखा। लोगो ने ओवैसी पर हिन्दुओं के ख़िलाफ़ घृणा फैलाने और मुस्लिम कट्टरवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी दूसरे जाकिर नाइक बन रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर ओवैसी इसी तरह बोलते रहे तो देश में क़ानून-व्यवस्था भी है जो अपना काम करेगा। बाबुल सुप्रियो के इस बयान के बाद लोगों ने पूछा कि अगर असदुद्दीन ओवैसी लगातार बयानबाजी कर रहे हैं तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? ओवैसी ने विरोध के बावजूद अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया है और वो अपने बयान पर कायम हैं।

तेलंगाना में भाजपा के फायरब्रांड नेता राजा सिंह ने भी ओवैसी के इस बयान का विरोध किया है। राज्य में भाजपा के एकलौते विधायक ने कहा कि ओवैसी भड़काऊ बयानों के जरिए माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद मस्जिद के लिए दी गई 5 एकड़ ज़मीन को खैरात बताया था। ओवैसी ने कहा था कि वो सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं। राजा सिंह ने कहा कि राम मंदिर के ख़िलाफ़ बयान देने वाले ओवैसी पर देशद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया जाना चाहिए।

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विधायक राजा सिंह ने ‘ओवैसी, भारत छोड़ो’ का नारा देते हुए कहा कि उनकी तरह मानसिकता रखने वाले सभी लोगों को देश से बाहर जाना चाहिए। कई अन्य लोगों ने भी उनका समर्थन किया। इसके बाद ट्विटर पर ‘ओवैसी भारत छोड़ो’ का ट्रेंड भी चलने लगा।

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आरफा शेरवानी
"हम अपनी विचारधारा से समझौता नहीं कर रहे बल्कि अपने तरीके और स्ट्रेटेजी बदल रहे हैं। सभी जाति, धर्म के लोग साथ आएँ। घर पर खूब मजहबी नारे पढ़कर आइए, उनसे आपको ताकत मिलती है। लेकिन सिर्फ मुस्लिम बनकर विरोध मत कीजिए, आप लड़ाई हार जाएँगे।"

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