"विदा होती सरकार के बुझे हुए जुगनू रोज नए मजाक करके महाराष्ट्र को कठिनाई में डाल रहे हैं। राष्ट्रपति संविधान की सर्वोच्च संस्था हैं। वे व्यक्ति नहीं बल्कि देश हैं। देश किसी की जेब में नहीं है।"
"कॉन्ग्रेस हमेशा ही देश से पहले पार्टी को तवज्जो देती है। कॉन्ग्रेस, बीजेपी को महाराष्ट्र ‘थाली में सजाकर’ दे रही है। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कॉन्ग्रेस की शिथिलता से सिद्ध हो गया कि कॉन्ग्रेस के खात्मे का समय आ गया है।"
शिवसेना ने एक बड़ी कीमत चुकाई है। जिसकी सरकार को बाला साहेब ने हिजड़ों का शासन कहा उसके सामने झुकना पड़ा। मातोश्री अब 'मातेश्री' का शरणागत है। फिर भी हासिल कुछ नहीं हुआ।
राजस्थान में (जहाँ कॉन्ग्रेस का शासन है) इतिहास की पाठ्य पुस्तकों से उनके नाम से 'वीर' हटा दिया गया और अब इतिहासकारों की स्वायत्त संस्था ICHR को राजस्थान यूनिवर्सिटी ने कह दिया है कि यूनिवर्सिटी कैम्पस में सावरकर छोड़ कर किसी भी विषय पर सम्मेलन हो सकता है।
राज्यपाल को समर्थन से जुड़े अपेक्षित पत्र को न दिखा पाने की स्थिति में उन्होंने तीसरी सबसे बड़ी पार्टी NCP के प्रमुख शरद पवार को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। लेकिन, इसकी भी संभावना नहीं है कि NCP सरकार बनाने में...
बाला साहेब के बेटे और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा के साथ 30 साल पुराना गठबंधन लगभग खत्म कर दिया है। वे अड़े हैं कि भाजपा के साथ सरकार तभी शिवसेना बनाएगी जब उसे ढाई साल के लिए सीएम की कुर्सी मिलेगी।
राज्यपाल ने एनसीपी को भी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया क्योंकि वो राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है। कॉन्ग्रेस द्वारा शिवसेना को समर्थन के सम्बन्ध में रुख स्पष्ट न किए जाने के कारण शिवसेना के नेतृत्व में सरकार का गठन नहीं हो सका।
NCP के एक नेता का कहना है कि जब तक तीनों पार्टियाँ- कॉन्ग्रेस, NCP और शिवसेना, सरकार में शामिल नहीं हो जातीं, तब तक कोई स्थिरता नहीं आएगी। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि कॉन्ग्रेस सरकार का हिस्सा हो।"
ख़ुर्शीद ने एक लेख में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला 'हिन्दू राष्ट्र' को ख़ारिज करता है। अदालत ने फैसले में कहा है कि वहाँ मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात एएसआई की रिपोर्ट साबित नहीं कर पाई।