नौ-बार रामपुर की सीट से विधायक रह चुके आज़म खान अब पत्नी को जिताने के लिए हर संभव प्रयास करने में जुटे हैं। इस सीट के लिए सपा कितना हाथ-पाँव मार रही है यह इसी से समझा जा सकता है कि.....
साल 2017 में अक्टूबर के महीने में कथित सेक्स टेप वायरल हुआ था, जिसमें छत्तीसगढ़ के एक मंत्री का नाम सामने आया था। बाद में इस मामले में एक की गिरफ़्तारी भी हुई थी। मामले को तूल पकड़ता देख राज्य सरकार ने यह मामला CBI को सौंप दिया था।
एसपी ने बताया कि या तो वो ख़ुद वहाँ पहुँच रही हैं या फिर पुलिस के अन्य अधिकारी व कर्मचारी वहाँ जाकर हालात को सामान्य कर रहे हैं। कुल मिलाकर नूह जिले के तीनों ही विधानसभा क्षेत्रों में लगातार बूथों पर कार्यकर्ताओं के उलझने और घायल होने की खबरें मिल रही हैं।
जब वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता हुड्डा वोट डालने पहुँचे, तब पहले से ही कई महिलाएँ वोट डालने के लिए कतार में लगी हुई थीं और अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। हुड्डा ने उन महिलाओं को धक्के देकर किनारे किया और ख़ुद अपनी बारी का इंतजार करने की बजाय कतार में आगे आकर वोट डाला।
"मैंने उनसे बहुत बार पानी माँगा। मुझे दिख रहा था कि वे सब पानी पी रहे हैं, लेकिन मुझे 14 घंटे तक पानी नहीं दिया। सुबह 4:50 पर वे मुझे बाहर लेकर आए और गाड़ी में डाल दिया। बार-बार पूछने पर भी नहीं बताया कि लेकर कहाँ जा रहे हैं।"
"आर्टिकल 370 के खत्म होने के बाद से कहा जा रहा है कि प्रदेश की नौकरियाँ बाहरी राज्यों के लोगों को मिल जाएँगी। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि जम्मू-कश्मीर में उत्पन्न होने वाली हर एक नौकरी स्थानीय लोगों को ही दी जाएगी।"
इस तकनीक में मोबाइल ऐप की सहायता से मतदान किया जाता है। प्रायोगिक तौर पर इसे लागू किया गया है। हरेक मतदाता को दो दिन पहले ही क्यूआर कोड की पर्ची दे दी गई थी।
17 राज्यों की 51 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। इनमें से करीब 30 सीटें भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास थीं। 2 लोकसभा सीटों पर भी उपचुनाव हो रहा है।
कहते हैं कि आदमी को आगे से हॉंकते हैं और बैल को पीछे से। पार्टी तो जीते-जागते, विचारों से लैस लोगों का ही संगठन होता है। सो, कायदे से उसका भी नेतृत्व आगे से होना चाहिए। लेकिन, आज कॉन्ग्रेस को पीछे से हॉंकने को भी कोई तैयार नहीं है।
पीड़ित परिवार ने लखनऊ में कमलेश तिवारी की प्रतिमा लगाने की माँग की है। साथ ही खुर्शीद बाग़ इलाक़े का नाम बदल कर कमलेश नगर करने की माँग की गई है। हिंदुत्ववादी नेता तिवारी की 18 अक्टूबर को उनके कार्यालय में निर्मम हत्या कर दी गई थी।