"पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने ‘फॉरवर्ड पॉलिसी’ अपनाई जिसमें कहा गया कि हमें एक-एक इंच चीन की ओर बढ़ना चाहिए। कार्यान्वयन के दौरान यह ‘बैकवर्ड पॉलिसी’ बन गई। यही वजह है कि अक्साई चीन पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में है। उसके जवान डेमचोक ‘नाला’ तक पहुँच गए।"
"जम्मू-कश्मीर में विकास के लिए आर्टिकल 370 के प्रावधान खत्म किए गए हैं। हमारा पड़ोसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दरवाजे खटखटा रहा है और कह रहा है कि भारत ने गलती की है। पाकिस्तान से बात तभी होगी जब वह आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करेगा।"
पवार ने कहा, "राणे ने कॉन्ग्रेस में शामिल होने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था। राणे को लगा कि कॉन्ग्रेस वादा पूरा करेगी। मेरे जैसे नेताओं को पता है कि ऐसे वादे केवल फायदे के लिए होते हैं। मैंने कॉन्ग्रेस में लंबा वक्त बिताया है।"
पारा शिक्षक अपनी नौकरी स्थायी करने और वेतन में इजाफे की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। शिक्षकों की माँग प्रशासन को इतना नागवार गुज़री कि कल्याणी रेलवे स्टेशन के पास भूख हड़ताल कर रहे शिक्षकों पर रात में लाठियाँ बरसाई गई।
महबूबा मुफ्ती को चश्मे शाही में रखा गया है। उनके बारे में पता चला है कि वो अपना समय किताबें पढ़कर काट रही हैं। इसके अलावा प्रशासन की ओर से उन्हें पास के मुगल गार्डन में टहलने की अनुमति मिली हुई है।
अनंत सिंह केवल अपने आपराधिक इतिहास के लिए ही चर्चित नहीं रहे हैं। उनके शौक भी अजीबोगरीब हैं। अजगर पालने की सनक को लेकर वे विवादों में रह चुके हैं। एक बार उन्होंने पटना के अपने घर में एक पत्रकार को भी बंधक बना लिया था।
जेएनयू का नाम बदलने का सुझाव पहली बार नहीं आया है। इससे पहले 2016 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि जेएनयू ऐसे लोगों का अड्डा बनती जा रही है जो देश के खिलाफ साजिश में शामिल है। उन्होंने इसका नाम बदल कर सुभाष चन्द्र बोस यूनिवर्सिटी रखने की मॉंग की थी।
प्रणब रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय को बीते दिनों मनी लॉन्ड्रिंग और ED की जाँच के कारण विदेश जाने से रोका गया था। उनके ही समर्थन में यस्मीन किदवईं ने गृह मंत्री अमित शाह को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। रॉय दंपती मुंबई से नैरोबी के लिए उड़ान भरने वाले थे।
वामपंथी एक्टिविस्ट कविता कृष्णन ने सोशल मीडिया में वायरल हुए अपने लीक ईमेल में भी कपिल काक, जस्टिस शाह के बारे में बात की है। लीक मेल में जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 से मिला विशेष दर्जा हटने के विरोध की रणनीति का ब्यौरा मौजूद है।
नरेंद्र मोदी ने 2 दिन की भूटान यात्रा पाह हैं। उन्होंने भारत की पनबिजली कंपनी के सहयोग से मध्य भूटान के ट्रोंगसा डोंग्खग जिले के मंगदेछु नदी पर 720 हजार मेगावाट की क्षमता वाली बिजली परियोजना का उद्घाटन भी किया।