अलका लाम्बा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल पार्टी को बाँट रहे हैं, और कार्यकर्ताओं को पार्टी या विधायक (लाम्बा) में से किसी एक को चुन लेने के लिए कह रहे हैं।
उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र के संदेशखली इलाके में भाजपा का झंडा खोलने को लेकर तृणमूल व भाजपा समर्थकों के बीच विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद गहराता चला गया। इस बीच वहाँ दोनों गुटों के लोगों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।
मेहर ने कहा, “मुझे इस घटना के लिए खेद है, लेकिन मुझे जन आक्रोश के मद्देनजर इंजीनियर को उठक-बैठक करने के लिए कहने को मजबूर होना पड़ा। लोग सड़क निर्माण की गुणवत्ता खराब होने को लेकर नाराज थे। अगर मैंने उन्हें उठक-बैठक करने के लिए नहीं कहा होता, तो वे लोग इंजीनियर को नुकसान पहुँचा सकते थे।”
राम माधव ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले 5 वर्षों में सांप्रदायिक अशांति, भ्रष्टाचार को रोकने, आर्थिक स्थिरता लाने और एक मजबूत भारत का निर्माण करने में कामयाब रही, जिसकी वजह से पार्टी को प्रचंड जीत मिली है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी अपने राजनीतिक विरोधियों का दमन करने के लिए उसी तरह की क्रूरता पर उतर आई हैं, जैसा कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन करते हैं।
नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ममता बनर्जी का नीति आयोग की कमियों पर ध्यान गया और उन्होंने तीन पेज की चिट्ठी लिखकर नीति आयोग को लेकर कई सवाल उठाए हैं। 15 जून को नई दिल्ली में नीति आयोग की बैठक होनी है, जिसमें केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, नीति आयोग के सदस्य और केंद्रीय मंत्रियों को बुलाया है। नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की ये पहली बैठक है।
वाईएसआरसीपी के एमएलए मोहम्मद मुस्तफा शाइक का कहना है कि आंध्र प्रदेश में एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और कापू समाज से एक-एक डिप्टी सीएम होंगे। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से पूरे आंध्र प्रदेश में खुशी का माहौल है।
पिछले कुछ दिनों से साउथ कोलकाता पोस्ट ऑफ़िस में हज़ारों की संख्या में पोस्टकार्ड्स का अंबार लग गया है। इन पोस्टकार्ड्स पर ‘जय श्रीराम’ लिखा हुआ है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजा गया है। ममता बनर्जी का घर इसी पोस्ट ऑफ़िस के कार्यक्षेत्र में आता है।
शरद पवार ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि कार्यकर्ता जनता से घर जाकर मिलें और पार्टी का प्रचार शुरू कर दें। उन्होंने कहा ऐसा करने से मतदाता उनसे ये नहीं पूछेंगे कि विधानसभा चुनाव के दौरान आपको हमारी याद क्यों आई।
2017 में, तत्कालीन मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस प्रमुख अरुण यादव के ख़िलाफ़ ख़ान ने एक ऐसा बयान दिया था जिसके चलते राज्य इकाई को यह घोषणा करनी पड़ गई थी कि असलम ख़ान अब पार्टी से नहीं जुड़े रहेंगे।