अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता इस बात को लेकर अदालत को संतुष्ट करने में नाकाम रहा कि वो सप्ताह में 2 बार अपनी लीगल टीम के साथ बैठक का इस्तेमाल सिर्फ सुनवाइयों के संबंध में चर्चा करने के लिए कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा, "ये मोदी सरकार का कानून है, जिसे कोई बदल नहीं सकता। वो (ममता बनर्जी) रोहिंग्याओं का रेड कारपेट बिछाकर स्वागत करती हैं, और असली शरणार्थियों को मिसलीड करती हैं। बंगाल में आए सभी शरणार्थियों को बिना डर के नागरिकता के लिए आवेदन करना चाहिए।"
नेहरू ने अक्साई चीन के बारे में जो कहा था, कच्चातिवु को लेकर दिग्गी राजा ने वही दोहराया है। उनके लिए भारतीय मछुआरों की समस्याएँ 'बेकार की बातें' हैं। तमिलनाडु की राजनीति पर पड़ेगा प्रभाव? उधर भाजपा सरकार सीमाओं पर इंफ़्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में लगी है।
दिल्ली की केजरीवाल सरकार में मंत्री राज कुमार आनंद ने बुधवार को पार्टी और मंत्रिपद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने पार्टी को भ्रष्टाचार में लिप्त बताया है।