कोरोना वायरस को हराने के लिए पॉंच टाइम नमाज पढ़ना काफी है। कुछ टिक टॉक यूजर्स के इसी पोस्ट पर राकेश ने कमेंट किया। बरगलाने पर आपत्ति जताई। कट्टरपंथियों को यह रास न आया और परदेस में उन पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा।
इस मामले का एक वीडियो पत्रकार रविन्द्र सिंह रॉबिन ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है। मस्जिद में हो रही नमाज को लेकर जब पुलिस ने विरोध किया तो लोगों ने अचानक से पुलिस टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस को घरों में घुसकर अपनी जान बचानी पड़ी।
भारत ने मंगलवार को इसके निर्यात पर लगी रोक को आंशिक रूप से हटा लिया और गुरुवार को भारत द्वारा भेजी गई 5 टन दवाइयाँ इजरायल पहुँच गईं, जिनमें हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन भी शामिल थी। जिसके बाद नेतन्याहू का ट्वीट आया।
"उन्होंने हमें राशन नहीं दिया। कहा कि राशन तभी मिलेगा जब आप 'ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुन रसूलुल्लाह' पढ़ेंगे। जब हमने इससे मना किया तो उन्होंने राशन देने से इनकार करते हुए चले जाने को कह दिया।"
बुधवार को सामने आए नए 63 केस के अलावा चीन में दो मौत भी हुई हैं, जिसके साथ ही कोरोना वायरस से मरने वालों का आँकड़ा 3335 हो गया है। जबकि कुल केस की संख्या 81 हजार के पार चली गई है। दूसरे फेज़ में चीन में कोरोना वायरस के केस की संख्या 1104 हो गई है।
इस सवाल पर पुलिस अधिकारी भी ठहाका मारने से खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने सवाल पूछने वाले व्यक्ति से कहा कि अनुमति नहीं मिलने की बात कह वह अपनी दूसरी बीवी से नहीं आने का बहाना बना सकता है।
भारत द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद डोनॉल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करके मदद माँगी थी ताकि वे अमेरिका अपने देश में कोरोनोवायरस रोगियों की बढ़ती संख्या के इलाज के लिए 'हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन' की गोलियों की बिक्री की अनुमति दे सकें।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस दवा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत ने अपनी जरूरत के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई के निर्यात पर रोक लगाई थी, लेकिन पीएम मोदी सही हैं, उन्होंने मदद की।
भारत में तबलीगी जमात और यूनाइटेड किंगडम में इस्कॉन के आचरण की अगर बात करें तो तबलीगी जमात के विपरीत, इस्कॉन भक्त जानबूझकर संदिग्ध मामलों का पता लगाने से बचने के लिए कहीं भी छिप नहीं रहे, बल्कि सामने आकर सरकार का सहयोग और अपनी जाँच भी करा रहे हैं। उन्होंने तबलीगी जमात की तरह अपने कार्यक्रम में यह भी दावा नहीं किया कि उनके भगवान उन्हें इस महामारी से बचा लेंगे ।