Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयईरान में भारत ने पहुँचाई अपनों को मदद: अब तक लाए जा चुके 590...

ईरान में भारत ने पहुँचाई अपनों को मदद: अब तक लाए जा चुके 590 लोग, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की हुई व्यवस्था

ईरान में जिन भारतीय के वायरस से प्रभावित होने की सूचना मिली थी, उन्हें भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो गई है। वायरस का प्रभाव खत्म होने के बाद इन्हें स्वदेश लाया जाएगा। गुरुवार को हुई विदेश मंत्रालय की कॉन्फ्रेंस में धम्मू रवि ने यह भी बताया था कि उन्होंने अब तक ईरान से 590 लोगों को निकाला है, जहाँ की स्थिति बहुत गंभीर है।

भारत सरकार लगातार दूसरे देशों में फँसे अपने देश के नागरिकों को बचाने और उनकी मदद करने के लिए प्रयासरत है। इस समय सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं जिनकी तारीफ पूरा विश्व कर रहा है। अभी ताजा जानकारी के अनुसार यदि बताएँ तो ईरान में रह रहे भारतीयों के लिए सरकार आगे आई है और ईरान के बन्दर अब्बास में मौजूद तमिलनाडु, गुजरात और केरल के 1000 भारतीय मछुआरों को आवश्यक सामानों की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस खबर की जानकारी खुद ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने दी है।

कुछ दिन पहले बता दें, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि इस समय वे बहुत ही विपरीत परिस्थितियों में काम कर रहे हैं कई देशों में आने-जाने पर प्रतिबंध है, जबकि कई देशों में खाने पीने की वस्तुओं का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है। इन सब के बावजूद उनके राजदूत व मिशन लगातार प्रभावित भारतीयों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं और उन्हें चिकित्सा के अलावा दूसरी सुविधाएँ भी देने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा था कि ईरान और इटली की स्थिति सबसे गंभीर है और इन देशों में फँसे नागरिकों को हम हरसंभव मदद कर रहे हैं।

उस समय विदेश मंत्रालय में कोरोना मामले पर नियुक्त अतिरिक्त सचिव दम्मू रवि ने बताया था कि ईरान के दूर दराज स्थित किश द्वीप भारतीय मछुआरों तक राशन पानी पहुँचाने के लिए एक स्थानीय आपूर्तिकर्ता से संपर्क किया गया है और उसने आपूर्ति भी शुरू कर दी है। साथ ही ईरान में जिन भारतीय के वायरस से प्रभावित होने की सूचना मिली थी, उन्हें भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो गई है। वायरस का प्रभाव खत्म होने के बाद इन्हें स्वदेश लाया जाएगा।  गौरतलब है कि गुरुवार को हुई विदेश मंत्रालय की कॉन्फ्रेंस में धम्मू रवि ने यह भी बताया था कि उन्होंने अब तक ईरान से 590 लोगों को निकाला है, जहाँ की स्थिति बहुत गंभीर है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -