हर्ष मंदर के बारे में जाँच-पड़ताल करने पर हमें एक बेहद अज्ञात संगठन API के बारे में पता चला है। कुछ तथ्य मिले हैं जिससे पता चलता है कि यह संगठन इटली सरकार के एक अंग के रूप में काम करता है।
किश्तवाड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि मारवा इलाके के रहने वाले गुलाम हुसैन, मोहम्मद यासीन, जाकिर हुसैन, मोहम्मद इकबाल और बशीर अहमद हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पनाह देने के साथ उनकी मदद करते थे।
महबूब पाशा ने हथियार खरीदे। शरीफ ने अपने घर में इन्हें इकट्ठा किया। मोइदीन और उसके साथी बीते साल ट्रेनिंग के लिए देश से बाहर गए। फिर हिंसक जिहाद छेड़ने के लिए लौट आए। इससे पहले कि वे अपने मॅंसूबे में कामयाब होते दबोच लिए गए।
पुलवामा हमले में शामिल होने के आरोप में तारिक अहमद शाह और उनकी बेटी इंशा तारिक को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को दक्षिणी कश्मीर के लेथपोरा से गिरफ्तार किया गया। इन पर आरोप है कि इन्होंने जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों को पनाह दी थी।
सारा अब्दुल्लाह पायलट की याचिका पर आज जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अपना पक्ष रखा। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पिछले 7 महीने से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह को हिरासत में रखे जाने को जरुरी बताया।
शाकिर ने 2018 के अंत से फरवरी 2019 तक अपने घर में आदिल अहमद डार और पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक को शरण दी थी। विस्फोटक जुटाने में मदद की थी। इस हमले 40 जवान बलिदान हो गए थे।
रिपोर्टों के मुताबिक रोहिंग्याओं को जमीन खरीद कर बसाने के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग की जा रही है। कुछ हज़ार रुपए खर्च करने पड़े इन्हें नेपाल की नागरिकता संबंधित दस्तावेज मुहैया कराए जा रहे हैं।
महात्मा गाँधी की सलाह को प्रधानमंत्री नेहरू ने अनदेखा किया। शेख ने भी अपनी बात रखने में बहुत वक्त लगा दिया। प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव से पहले ही POJK को वापस लेने के लिए भारत सरकार को अपनी नीतियाँ स्पष्ट कर देनी थीं। लेकिन अफसोस यह है कि...