1994 में संसद में प्रस्ताव पारित कर कहा गया था कि पूरा जम्मू-कश्मीर, भारत का अभिन्न अंग है। इसी का हवाला देते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि निर्देश मिलने पर उचित कार्रवाई के लिए सेना तैयार है।
तीनों आतंकी आपस में बातचीत करने के लिए ऐसे ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसमें कम्युनिकेशन खत्म होते ही टेक्स्ट अपने-आप डिलीट हो जाते थे। इन्हें शहर की दीवारों पर लगे पोस्टरों से बड़े नेताओं की जानकारी जुटानी थी।
जिहाद के जरिए ये आतंकी मारत में इस्लामी राज लाना चाहते थे। इसके लिए मजहबी कक्षाएँ संचालित की गईं। गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक आतंकी मॉड्यूल 'अंसारुल्लाह' बनाया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि वे सुरक्षा के मुद्दे के साथ मानवाधिकारों और स्वतंत्रता को संतुलित करने की पूरी कोशिश करेंगे। इंटरनेट पर एक समय-सीमा तक ही रोक लगनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआईएस के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये दिल्ली-एनसीआर और यूपी में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जफर अली भी इसी आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है।
बांग्लादेशियों द्वारा BSF के जवानों को निशाना बनाने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले पश्चिम बंगाल में तो बांग्लादेशियों ने एक जवान के हाथ पर बम फोड़ दिया था, जिससे अनीसुर रहमान नामक बीएसएफ जवान का हाथ कोहनी से फटकर ही नीचे गिर गया था।
पिछले कुछ सालों में बिहार से कई आतंकी पकड़े गए हैं। बीते साल ही गया से जमात आतंकी दबोचा गया था। इतनी गिरफ़्तारियों से यह सवाल उठने लगा है कि आतंकियों के लिए बिहार सेफ़-ज़ोन तो नहीं बनता जा रहा?
रोजाना 300-400 लोग भारत से बांग्लादेश लौट रहे हैं। अधिकांश लोगों ने वहॉं की एजेसियों को बताया है कि वे काम के सिलसिले में अरसे से भारत में रह रहे थे। इनके पास से भारतीय पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं।
पूर्व वायुसेना प्रमुख ने कहा कि 26/11 के बाद पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमले के प्रस्ताव को तत्कालीन सरकार ने खारिज कर दिया था। इससे पाकिस्तान को यकीन हो गया भारत आतंकी हमलों का जवाब नहीं देगा। उसे उम्मीद नहीं थी कि भारत बालाकोट जैसी कार्रवाई कर जवाब देगा।