सर्च ऑपरेशन 13 अक्टूबर तक चलेगा। ऑपरेशन में सेवा से अलग हो चुके गनमैन को भी शामिल किया गया है। अलर्ट के मद्देनजर गुरदासपुर, बटाला और पठानकोट में आला अधिकारियों की तैनाती की गई है।
हिन्दुस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और पाकिस्तान की कंगाली ने कश्मीर के जिहादियों को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। मुश्किल यह है कि अब उनके पास लड़ने के लिए हथियारों की कमी होती जा रही है और...
"राफेल एयरक्राफ्ट पर 'ॐ' लिख कर और शस्त्र-पूजा कर के राजनाथ सिंह इसे धर्म के साथ जोड़ रहे हैं। यह औरों की तरह सिर्फ एक हथियार है, जिसे आप ख़रीद रहे हैं। दशहरा के त्योहार और राफेल का भला क्या मेल है?"
परेड का एक हिस्सा था वायुसेना का battle formation, इसमें शामिल थे तीन मिराज-2000, और उन्हें अपने सुरक्षा घेरे में लिए हुए दो Sukhoi-30MKI और इन्हीं Sukhoi-30MKI में से एक का नाम है Avenger-1, जिसके लिए पाकिस्तानी वायु सेना ने दावा किया था कि उसने इस विमान को 27 फरवरी की झड़प में मार गिराया था।
जैश को नेशनल हाइवे पर हमला करने, लश्कर को सुरक्षा बलों और उनके कैम्पों को निशाना बनाने और हिज़्बुल को राजनेताओं व सुरक्षा बलों पर हमले का टास्क दिया गया है। पाकिस्तानी फ़ौज और आईएसआई के इशारे पर ऐसा किया गया है।
JNU में '64 डेज ऑफ शटडाउन' नाम से विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। विरोध सभा में शेहला रशीद शोरा, एनी राजा, प्रदीपिका सारस्वत, संजय काक और एजाज अहमद राथर को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है।
दशहरे के शुभ अवसर पर इस बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय मूल्यों को बरकरार रखते हुए पेरिस में शस्त्र पूजन करेंगे। 8 अक्टूबर को वह पेरिस में पहले राफेल फाइटर जेट को प्राप्त करके शस्त्र पूजन करेंगे और फिर उसी दिन वे उसमें उड़ान भी भरेंगे।
अमेरिकी एजेंसी से मिले इनपुट के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं, जिसमें कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 निष्क्रिय किए जाने के बाद आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISI) प्रायोजित आतंकी हमले हो सकते हैं।
इससे पहले शहीद होने या 60 प्रतिशत से अधिक की अक्षमता होने पर 2 लाख रुपए की वित्तीय मदद का प्रावधान था। इसके साथ ही 60 फीसदी से कम अक्षमता वाले जवानों को एक लाख रुपए का वित्तीय मदद मिलती थी।
जाँच एजेंसी ने यासीन मलिक के अलावा, दुख्तारन-ए-मिलत प्रमुख आसिया अंद्राबी, J&K डेमोक्रेटिक फ़्रीडम पार्टी के संस्थापक शब्बीर शाह, J&K मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मसर्रत आलम और पूर्व विधायक और अवामी इत्तेहाद पार्टी के अध्यक्ष अब्दुल रशीद शेख को आरोपी बनाया है।