जम्मू-कश्मीर का माहौल बिगाड़ने के लिए आतंकी कई तरह की साजिशें रच रहे हैं। हालॉंकि अब तक उन सारे मंसूबे सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण नाकाम रहे हैं। आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ की भी लगातार कोशिश कर रहे हैं।
अलगाववादी यासीन मलिक के ख़िलाफ़ 2017 में टेरर फंडिंग का आरोप है। इसी मामले में कोर्ट ने उसकी न्यायिक हिरासत को 23 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। अलगाववादी यासीन मलिक को दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा गया है।
एयर चीफ़ मार्शल भदौरिया ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाइयों को बड़ी उपलब्धि बताया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की तरफ से कोई भी आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया गया तो सरकार की योजना के अनुसार उसका उचित जवाब दिया जाएगा।
पोस्टरों पर नारा लिखा है, 'एलओसी तोड़ दो, बिखरा कश्मीर जोड़ दो।' गुलाम कश्मीर के लोगों को आगे कर सीमा पर बड़े पैमाने पर हिंसा की रची गई साजिश को देखते हुए भारत ने सीमा पर सुरक्षा के काफी पुख्ता प्रबंध किए हैं।
दिल्ली में आतंकी गतिविधि को अंजाम देने के लिए गुप्त योजना पाँच दिन पहले क़रीब 900 किलोमीटर दूर कश्मीर में सेब के बाग में तैयार हुई। इसका खाका आतंकी संगठन जैश के जम्मू-कश्मीर कमांडर अबु उस्मान ने तैयार किया और इस गुप्त योजना को नाम दिया ‘डी’।
सीमा पर सुरक्षा बल की तैनाती से आतंकियों का प्लॉन ए और बी में नाकामयाब हो गया है, इसलिए अब वह नवरात्रि में धार्मिक स्थल पर दंगे करवाकर माहौल खराब करने की कोशिश में है। साथ ही घुसपैठ के जरिए प्लॉन बी को भी कामयाब करने की कोशिशों में हैं।
आतंकियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अब तक सीलमपुर और उत्तर पूर्वी दिल्ली के 2 स्थानों एवं जामिया नगर और सेंट्रल दिल्ली के पहाड़गंज स्थित 2 जगहों पर छापेमारी की है। इसके अलावा 2 लोगों को पूछताछ के लिए भी हिरासत में लिया गया है।
साजन प्रीत को पंजाब पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन सेल द्वारा गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इसे अमृतसर के खालसा कॉलेज वाले इलाके से पकड़ा है। इसपर आरोप है कि इसने हाल ही में पाकिस्तान से आए ड्रोन को नष्ट किया और उन पिस्टल को भी बेचा जिन्हें ड्रोन के जरिए गिराया गया था।
खुफिया एजेंसियों ने 8 से 10 जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन हमले की चेतावनी जारी की थी। जिसके बाद श्रीनगर, अवंतिपोरा, जम्मू, पठानकोट और हिंडन एयररबेस पर ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।
अग्रिम पोस्ट तक जाने के लिए पारितोष के साथ अन्य तीन जवान नाव पर सवार हुए थे। लेकिन जैसे ही नाव नाले के मध्य पहुँची, तो तेज बहाव में नाले का संतुलन बिगड़ गया। सब इंस्पेक्टर पारितोष मंडल अपने दो साथियों को बचाते हुए...