2020 में दंगाई भीड़ ने जिनकी दुकानों को निशाना बनाया वे आज भी इससे उबर नहीं पाए। कोई इलाका छोड़ गया, किसी ने नाम बदला तो किसी की दुकान मुस्लिम ने खरीदी।
वीरेंद्र सहवाग और वेंकटेश प्रसाद जैसे पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने रिद्धिमान साहा को उस पत्रकार का नाम सार्वजनिक करने की सलाह दी है, जिसने उन्हें धमकी दी थी।