इस लिस्ट में सुब्रमण्यम स्वामी, वरुण गाँधी और उनकी माँ मेनका गाँधी को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। उनकी जगह कॉन्ग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया को जगह मिली है।
मद्रास उच्च न्यायालय ने एक फैसले में कहा है कि किसी दलित का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र चर्च जाने और ईसाई मत प्रतीक चिन्ह क्रॉस लटकाने से निरस्त नहीं किया जा सकता।