घटना उस समय हुई जब मैक्रों दक्षिण-पूर्वी फ्रांस के ड्रोम क्षेत्र के दौरे पर पहुँचे थे। इस दौरान वह जब बाहर खड़े लोगों से मिलने गए तभी युवक ने उनका हाथ पकडा और उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।
बाबा रामदेव ने नोटिस के जवाब में कहा कि उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से बाहर ले जाया गया। वह केवल प्रयोगात्मक चिकित्सा के अत्यधिक उपयोग पर सवाल उठा रहे थे।
वैसे तो तवलीन के इस ट्वीट के नीचे सोशल मीडिया यूजर्स ने ही उन्हें सलाह दे दी कि पहले तो वह एसी कमरे में बैठकर देश के हालातों पर बात न करें तो बेहतर होगा।
जम्मू-कश्मीर में कोविड टीके को लेकर शुरुआत में लोगों में झिझक होने के बावजूद 45 से अधिक आयु वर्ग के करीब 70 प्रतिशत लोगों को टीके की खुराक दी जा चुकी है, जो राष्ट्रीय औसत का दोगुना है।