"हमारे निर्णय का आधार एक ही मानदंड होना चाहिए और वो है राष्ट्रहित। राष्ट्रहित ही हमारा तराजू होना चाहिए। हमें ये याद रखना है कि जब विचारों में देशहित और लोकहित की बजाय राजनीति हावी होती है तो उसका नुकसान देश को उठाना पड़ता है।"
इस डील में कुछ फायदा प्रताप सरनाईक को जाना तय हुआ था। इसके अलावा खास बात ये है कि टॉप्स ग्रुप और प्रताप सरनाईक के बीच इस डील को लेकर कोई लिखित कॉन्ट्रैक्ट नहीं हुआ था।
पुलिस ने गुलशेर, गुलनवाज़ और युसूफ का जुलूस निकाला, उठक बैठक लगवाई और पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान तीनों नारे भी लगा रहे थे, ‘अपराध करना पाप है पुलिस हमारी बाप है।’
26 नवंबर 1921 को कालीकट में पैदा हुए डॉ. वर्गीज कुरियन ने गुजरात के आनंद को कर्मभूमि बनाई। AMUL को दुनिया भर में एक ब्रांड… और भारत को डेयरी उत्पादन का नंबर #1 देश बनाया।