दिल्ली का राजनीतिक भविष्य न सिर्फ सत्ता की कुर्सी तय करेगा बल्कि दल बदल कर मैदान में उतरे नेताओं का भविष्य भी लिखा जाएगा। बगल के राज्य हरियाणा में हुए चुनावों में जनता ने दलबदलू नेताओं को महत्व नहीं दिया था।
"मैं अपनी हार स्वीकार करते हुए, विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं व कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूँ और आशा करता हूँ कि क्षेत्र का चौमुखी (चहुमुखी) विकास होगा। मैं भविष्य में भी दिल्ली, विकासपुरी व उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र के चौमुखी विकास के लिए लड़ाई लड़ता रहूँगा।"
रात का समय और लड़की के फोन की बैटरी खत्म। मतलब घर जाने को कैब भी बुक नहीं कर सकती थी वो। तभी दो लोग आते हैं, खुद को कैब ड्राइवर बताते हैं। झाँसे में लेकर गाड़ी में बिठा कर घर छोड़ने की बात करते हैं। फिर बीच रास्ते में बारी-बारी से रेप करते हैं। विरोध करने पर कहते हैं - "अच्छी महिला बनो, जो कहते हैं करो।"
AAP अभी तक 51 सीट और बीजेपी 19 सीट पर आगे चल रही है। हालाँकि, चुनाव आयोग के आधिकारिक रुझानों के मुताबिक फिलहाल बीजेपी और आम आदमी पार्टी 10-10 सीट पर आगे चल रही हैं।
भाजपा सांसदों को जारी किए व्हिप में यह कहा गया है कि कुछ अतिमहत्वपूर्ण मुद्दे कल संसद में उठाए जा सकते हैं, अतः सारे सांसदों को मंगलवार, 11 फरवरी, को राज्यसभा में उपस्थित रहना है।
स्वास्तिक जलाना, गाय को काट कर कमल पर दिखाना, आजादी के नारे, तेरा बाप भी देगा आजादी, खिलाफत की बातें, बुर्के में हिंदू औरतों को दिखाना, ये भी एक तरह की हिंसा है। इसे वैचारिक हिंसा कहते हैं।
2014 में मोदी की लोकप्रियता भुना कर अपना उल्लू सीधा करने के बाद प्रशांत किशोर बिहार पहुँचे। मीडिया ने ऐसा प्रचारित किया कि वो राजनीति 'चाणक्य' हो गए हैं और उनसे बड़ा चुनावी रणनीतिकार कोई है ही नहीं। अब सवाल उठता है कि क्या उन्होंने मीडिया को बड़े स्तर पर मैनेज किया?
एग्जिट पोल्स के दावों के बावजूद AAP की हालत पस्त नज़र आ रही है। उसे किसी भी एग्जिट पोल्स पर भरोसा नहीं हो रहा है। वहीं बीजेपी के इस दावे ने कि वह सरकार बनाने जा रही है। केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी की नींदें उड़ा दी है।
इस दौरान पाकिस्तान को अन्य देशों से समर्थन न मिल पाने का उनका दुःख भी झलका। उन्होंने कहा कि भारत का सभी देश समर्थन इसीलिए करते हैं क्योंकि वो बहुत बड़ा बाजार है और अन्य देशों को अपना बाजार खोने का डर है।
हिलाल अकबर लोन को कश्मीर घाटी में पाँच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को लागू किए जाने के मद्देनजर प्रशासन ने हिरासत में लिया था। इसके साथ ही नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, कॉन्ग्रेस, माकपा व अन्य दलों के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया था।