सज्जाद ने शरजील इमाम का भी बचाव किया था। देशद्रोह के आरोपित शरजील को राष्ट्रवादी बताया था। कश्मीरी छात्र नेता सज्जाद ने पुलवामा आतंकी हमले के समय पूछा था कि कहीं इसके पीछे अपनी ही एजेंसियों का तो हाथ नहीं?
वरुण ग्रोवर और अनुराग कश्यप जैसों की नज़र अब देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक पर है। उसे धीमे-धीमे बर्बाद करने की साज़िश रची जा रही है। IIT बॉम्बे को चंद वामपंथी प्रोफेसरों व छात्रों ने बंधक बना लिया है। रवीश कुमार व अन्य वामपंथी मीडिया उनका समर्थन कर रहे हैं।
मैं इस बजट को सांप्रदायिक मानता हूँ। यकीन मानिए आज इस बजट के दौरान गाँधी जी होते तो इसे पास नहीं होने देते। बजट तो हर साल आता है, जाता है, लेकिन अल्पसंख्यक के मुद्दे पर सभी चुप्पी साध लेते हैं। अंत में सवाल यही कि क्या इस बजट के पैसे से गरीब का पेट भर जाता है?
आम दुनिया से अलग एक मेन्टोस दुनिया भी है, जिसे कहते हैं दी लल्लनटॉप! यह दुनिया बजट के दौरान इस बात को लेकर परेशान थी कि आखिर प्रियंका चोपड़ा की ड्रेस खिसकती क्यों नहीं? वैसे, बजट-वजट बाद में देखा जाएगा, पहले NDTV चाहता है कि आप सपना चौधरी का डांस देखें।
ऑपइंडिया ने अपनी ख़बर में दिवंगत नीरज के परिजनों के हवाले से बताया था कि झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार पीड़ित परिवार पर लगातार दबाव बना रही है कि वो मीडिया व पुलिस में कहें कि नीरज प्रजापति की मौत बाथरूम में फिसलने के कारण हुई। अमित मालवीय ने भी इस आरोप की पुष्टि की है।
घटना सिंतबर 2009 की है। शामली में क्रिकेट मैच के दौरान शमशाद और सलीम के बीच कहासुनी हो गई थी। इसके अजहरुद्दीन और सरवर ने शमशाद को पकड़ा और सलीम ने तमंचे से गोली मार कर हत्या कर दी।
उमा भारती, सिंधिया और विजयवर्गीय की गर्मजोशी से हुई मुलाक़ात भोपाल के गलियारों में चर्चा बटोर रही है। सिंधिया को लेकर कयासों का दौर अरसे से लग रहा है। बीच-बीच में उनके समर्थक प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार को असहज करने वाले बयान भी देते रहते हैं।
दिल्ली में करीब 12 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं। कई सीटों पर उनका प्रभाव है। एक तबका भाजपा को वोट देता रहा है। लेकिन, दिल्ली के इमाम चाहते हैं कि इस बार मुस्लिम अपनी पसंद के हिसाब से वोट न करें। इसके लिए वे कोशिश कर रहे हैं।
आरोपित कहता दिख रहा है कि हमारे देश में किसी की नहीं चलेगी, सिर्फ़ हिन्दुओं की चलेगी। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। कहा जा रहा है कि आरोपित ने शाहीन बाग़ के उपद्रवियों को वहाँ से जाने व विरोध प्रदर्शन स्थगित करने की चेतावनी दी थी। लेकिन, वे नहीं माने।
1) 2006 से 2016 तक 27.1 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से निकाला गया। 2) डिपॉजिट इन्सुरेंस कवर को 1 लाख रूपए प्रति व्यक्ति से बढ़ा कर 5 लाख रुपए प्रति व्यक्ति कर दिया गया। ऐसे ही 25 पॉइंट्स में समझें पूरा बजट। जानें किस मंत्रालय को मिला कितना आवंटन।