शिवसेना ने 'सामना' के जरिए पूछा कि क्या भारत में पहले से समस्याओं की कमी थी जो CAB के रूप में एक नई समस्या खड़ी कर दी गई है? शिवसेना ने दावा किया कि उत्तर-पूर्वी राज्यों के अलावा बिहार में भी इस विधेयक का विरोध हो रहा है, जहाँ भाजपा सत्ता में है।
अलका लांबा जब हाथ में माइक लिए लोगों से बात कर रही थीं, तो जिस शख़्स को उन्होंने अपना फ़ोन फ़ेसबुस से लाइव स्ट्रीमिंग के लिए दिया था, वो फ़िल्टर्स हटाना भूल गया। इसके कारण अलका लांबा जिस भी व्यक्ति से उनकी परेशानी पूछने जातीं, उस व्यक्ति के चेहरे पर कभी बिल्ली, पिल्ले और...
“अब्बा बहुत डर लग रहा है। फैक्ट्री में आग लग गई है। बचना मुश्किल लग रहा है। हमें बचा लो।” जवाब में पिता ने कहा, “चिंता मत करो, अल्लाह पर भरोसा रखो।” इसके बाद लाचार पिता हेलो... हेलो... बोलते रहे, लेकिन उन्हें बेटे की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजना से 36 लाख से अधिक महिला लाभान्वित हुईं। महिलाओं को कृषि गतिविधियों में संलग्न करने के लिए केंद्र सरकार की 84 परियोजनाओं के लिए 847 करोड़ रुपए आवंटित किए गए।
24 घंटे बाद भी आग का धुआँ ख़त्म नहीं हुआ है। वहाँ स्थित इमारतों से अब भी धुआँ निकल रहा है। पुलिस ने जाँच के लिए फैक्ट्री सील कर रखी है। सोमवार को लोगों ने तीसरी मंजिल से आग की लपटें उठते देखी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।
लिंडनर ने कहा कि अगर यूएन में जल्द ही बदलाव नहीं किया जाता है तो लोग उस पर भरोसा करना छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही विश्व की सबसे बड़ी संस्था में रिफॉर्म नहीं किया जाता है तो लोग ये समझेंगे कि ये वास्तविकता से काफ़ी दूर हैं।
पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसे 'माँस के टुकड़े' की तरह हाथोंहाथ बेचा गया। आरोपितों ने उसके साथ बलात्कार किया। उससे जबरन 'मनपसंद सेक्स एक्ट्स' परफॉर्म करवाए, ओरल सेक्स किया और फिर उसके शरीर पर पेशाब कर दिया। उसे बार-बार बेचा गया।
बीएचयू के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय प्रत्येक रविवार को गीता का विशेष रूप से प्रवचन किया करते थे। आज गीता जयंती है और रविवार भी है। इसकी परम्परा धर्म विज्ञान संकाय आज भी निभा रहा है। ख़ुद को हिन्दू धर्म के कार्यक्रमों से दूर रखने वाले कुलपति गीता जयंती में हिस्सा लेने भी नहीं आए।
"निगम द्वारा कोई भी लाइसेंस नहीं दिया गया है। केजरीवाल ये बताएँ कि फैक्ट्री चलाने वाला रेहान कौन है, जिसे वहाँ के विधायक का संरक्षण प्राप्त है? हम इसकी उच्च स्तरीय जाँच की माँग करते हैं।"
ये वही अरुण शौरी हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले को ही त्रुटिपूर्ण करार दिया था, जिसमें मोदी सरकार को राफेल मामले में क्लीनचिट दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद भी उन्होंने समीक्षा याचिका दायर की थी और अधिकारियों पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाया था।