भुवनेश्वर में CAA के विरोध के नाम पर देश और हिंदुओं के खिलाफ प्रदर्शन। इसका वीडियो भी हुआ वायरल। वीडियो में हिन्दू विरोधी और देश विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे हैं, “हम लेकर रहेंगे आजादी, इन काफिरों से आजादी, इन हत्यारों से आजादी।”
2024 बहुत दूर है। उस समय क्या होगा, यकीनी तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन, जितने जोर-शोर से CAA+NRC को मुस्लिम विरोधी बताया जाएगा, इस्लाम विरोधी भावनाएँ गहराती जाएँगी। वैसे भी इस उन्माद के सारे सूत्र भीड़ अपने हाथ ले ही चुका है।
सोशल मीडिया पर भी यूपी पुलिस ने कड़ी निगरानी बनाई हुई है। 14,101 आपत्तिजनक पोस्टों से संबंधित लोगों पर कार्रवाई की गई है। 63 एफआईआर दर्ज कर 102 को गिरफ्तार किया गया है।
बीजेपी ने इस कानून को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब देने के लिए घर-घर पहुॅंचने का फैसला किया है। बिल के समर्थन में 250 स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी।
करीब छह साल से जेल में बंद जुनैद का नाम अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने हाल ही में अपने वैश्विक पीड़ितों के डेटाबेस में शामिल किया था। आयोग ने बताया था कि वे कितने भयावह संकट में हैं और किस हद तक उनकी जान को खतरा है।
नमाज के बाद बवालियों का मन इतना बढ़ गया कि पुलिस की एक पूरी टीम (25 ट्रेनी सिपाही) को एक दुकान में बंधक बना लिया। दुकान का शटर बंद कर उसमें आग लगाने का प्रयास किया। जब सूचना पाकर पुलिस वहाँ पहुँची तो उनकी गाड़ी पर फायरिंग और पथराव कर उन्हें दौड़ा दिया। इसके बाद...
दंगाइयों के पथराव से सड़कें ईंट-पत्थरों से पट गई। हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान गलियों और छतों से भी पुलिस पर पथराव किया गया।
"एक्ट्रेस को ट्वीट करने पर एंबेसडर की भूमिका से नहीं हटाया गया है। हमने एक्ट्रेस से एक साल का एग्रीमेंट साइन किया था, जो अप्रैल 2017 में खत्म हो गया था, जिसे बाद में रिन्यू भी नहीं किया गया था।"
"CAA और NRC दो अलग-अलग चीजें हैं। NRC अब तक केवल असम में लागू किया गया है। यह पूरे भारत में लागू नहीं किया गया है। हम अभी तक यह नहीं जानते हैं कि NRC में क्या नियम होंगे। राजनीति पार्टियाँ इस पर गुमराह कर रही हैं।"