पुलिस अधिकारी के मुताबिक आरोपित रफी का बाल यौन शोषण का इतिहास रहा है। चित्तौड़ के एसपी ने बता कि आरोपित रफी को लगभग 10 साल पहले बेसिनिकोंडा में उनके खिलाफ दर्ज एक बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
महिला को फोटो खिंचवाते देख मंत्री हर्ष यादव ने कहा, "इसकी कोई बात मत सुनिए। यह भाजपा की एजेंट है। इसके साथ फोटो मत खिंचवाना।" महिला ने भी बिना वक्त गॅंवाए मंत्री को जवाब देते हुए कहा कि वह 35 साल से पार्टी के लिए काम कर रही है।
तेलंगाना के गृह मंत्री का कहना है कि महिलाओं पर लगाए गए आरोपों से हैदराबाद ही नहीं दिल्ली के लोग भी दुखी हैं। इसे देखते हुए मामले की जॉंच के आदेश दिए गए हैं। उनकी माने तो जिस फैसले से उलेमा सहमत हैं, उसका महिलाएँ विरोध ही नहीं कर सकतीं।
"पीएम मोदी की वर्तमान सरकार को भारत में 'हिंदू राज (शासन) स्थापित करने का अधिकार' है और यदि भारतीय राजनेता असदुद्दीन ओवैसी और उनके जैसे अन्य को भारत पसंद नहीं है, तो उन्हें पाकिस्तान चले आना चाहिए।"
मौलाना अरशद मदनी ने बाबर को भी क्लीन चिट देते हुए कहा था कि बाबर ने जबरन मंदिर तोड़ कर मस्जिद नहीं बनाई। उन्होंने कहा कि मस्जिद तोड़ कर बनाए गए मंदिर में नमाज नहीं पढ़ी जा सकती है। उन्होंने इस बात को भी नकार दिया कि जिस मस्जिद में नमाज नहीं होती है, वो मस्जिद नहीं है।
प्रशासन ने मंदिर को रिलोकेट करने की माँग को अस्वीकार कर दिया और मंदिर को गिरा डाला गया। अंत मे लोगों ने सरकार से कहा कि कम से कम मंदिर के अंदर की चीजों को कहीं और रखने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। लेकिन उनकी इस माँग पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया और...
श्रीलंका में मुस्लिम संगठनों के आरोपों के बीच बौद्ध राष्ट्र्वादी गोटाभाया की जीत अहम है। इससे पता चलता है कि द्वीपीय देश अभी ईस्टर बम ब्लास्ट को भूला नहीं है और राइट विंग की तरफ़ उनका झुकाव पहले से काफ़ी ज्यादा बढ़ा है।
राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बैंक ने उन खाता धारकों के लिए विशेष पुरस्कार की भी घोषणा की है जिन्होंने सवा लाख राम नाम जमा कर रखे हैं। इस बैंक की न तो कोई एटीएम है और न ही कोई चेक बुक।
शी जिनपिंग का मानना है कि इस्लामिक कट्टरता के आगोश में आते ही व्यक्ति होश खो बैठता है। चाहे वह स्त्री हो या पुरुष। ऐसे लोग पलक झपकते किसी की हत्या कर सकते हैं। शी के अनुसार विकास इस समस्या का समाधान नहीं है।
इस बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें छात्र ‘आज़ादी’ का नारा लगाते हुए दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो जेएनयू कैंपस का है। हालाँकि ऑपइंडिया इस वीडियो के प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।