मूर्ति विसर्जन के लिए जाने वाले रास्ते में माँस का टुकड़ा देखकर श्रद्धालुओं का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने वहाँ नारेबाजी शुरू कर दी। भड़की भीड़ ने इसके बाद इलाके के पास मौजूद माँस की कुछ दुकानों को भी निशाना बनाया और वहाँ खड़ी मोटरसाइकल में तोड़फोड़ की गई।
अब ऐसे में जब राफेल की पूजा पर विवाद छिड़ा तो सैयद अतहर देहलवी ने बुधवार को अपने पुराने ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा कि राजनाथ सिंह ने फ्रांस में जो किया उसमें कुछ भी नया नहीं हैं।
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जब पार्टी चुनाव में उतरने वाली हो, तब इस तरह की टिप्पणियाँ कॉन्ग्रेस को फायदा पहुँचाने वाली नहीं हैं। बाहर बयानबाजी करने की बजाए खुर्शीद को अपनी राय पार्टी के भीतर ही जाहिर करनी चाहिए।
कोतवाली थानाध्यक्ष ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान जामा मस्जिद के पास कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। साथ ही थानाध्यक्ष ने 12 लोगों को गिरफ़्तार किए जाने की पुष्टि की। सभी को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया।
मध्य प्रदेश में दूल्हे के शौचालय में खड़े होकर सेल्फी भेजने पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह योजना के तहत 51,000 रुपए मिलेंगे। मगर इसके लिए आवेदन तभी स्वीकार किए जाएँगे जब दुल्हन यह साबित कर दे कि उसके पति के घर में शौचालय है।
एडीजी हेडक्वार्टर जीतेंद्र कुमार का कहना है कि शिकायतकर्ता, सबूत उपलब्ध करा पाने में नाकाम रहा। इतना ही नहीं, वह उस पत्र को दिखाने में अक्षम रहा जिसके आधार पर उसने इन हस्तियों पर केस करवाया था।
मृतक शिक्षक संघ से जुड़े थे। मुर्शिदाबाद समुदाय विशेष के अपराध के लिए कुख्यात रहा है। साथ ही बंगाल में भाजपा और संघ से जुड़े लोगों को निशाना बनाने वाली राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में भी हाल में काफी तेजी देखने को मिली है।
दूसरे समुदाय के कुछ लोग दुर्गा पूजा के जुलूस में सुबह शामिल भी हुए। वे जुलूस के साथ चलते हुए मस्जिद वाली गली तक भी आए और बाद में पथराव करने वाले अन्य लोग भीड़ का हिस्सा बन गए। पत्थरबाज़ी में “मोहम्मडन” मर्दों के अलावा औरतें और बच्चे भी शामिल थे।
यह पहली बार नहीं है कि दुर्गा पूजा पर असम में मन्दिर और मूर्तियों को निशाना बनाया गया है। पिछले साल भी दुर्गा पूजा के दौरान दो-दो बार मूर्तियों पर हमले हुए थे।पिछले साल भी दुर्गा पूजा के दौरान दो-दो बार मूर्तियों पर हमले हुए थे।
गिरफ्तार आरोपित सोशल मीडिया पर ईसाई समुदाय से बताए जा रहे हैं। पूजा समिति के एक सदस्य ने बताया कि वे सभी वर्गों और संप्रदाय के लोगों के लिए तमाम मेले और त्योहार आयोजित करते हैं। लेकिन ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई।