इस्लामिक स्ट्रेटेजिक स्टडीज़ सेंटर की सालाना सूची में 500 मुस्लिमों के नाम होते हैं। इनमें महिलाएँ भी शामिल होती हैं। क्रिकेट और राजनीति के करियर के कारण इमरान खान को ये अवॉर्ड मिला है।
केंद्र ने ₹2,000 करोड़ के एक "वन-टाइम सेटेलमेंट" पैकेज की घोषणा की थी। उसे भी यह शरणार्थी इसलिए नहीं ले पाए क्योंकि उनके पास डोमिसाइल सर्टिफ़िकेट नहीं था। एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 1.5 लाख परिवार, यानी 10 लाख शरणार्थी आज भी शिविरों में रहने के लिए मजबूर हैं।
एक उइगर कार्यकर्ता ने बताया कि उसके दादा के दादा जिस कब्रगाह में दफ़न किए गए थे, उस कब्रगाह को तबाह कर दिया गया है। उइगर कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनके इतिहास, उनकी पहचान और उनकी पूर्वजों की हर एक निशानी मिटाई जा रही है।
समय के फेर देखिए। जब सुनील दत्त को अनसुना कर संजय निरुपम को कॉन्ग्रेस में लाया गया तब सोनिया गॉंधी पार्टी की अध्यक्ष हुआ करती थीं। सुनील दत्त के जाने के 14 साल बाद जब वही निरुपम पार्टी को आँखें दिखा रहे हैं तो सोनिया ही पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं!
पुलिसकर्मियों को पीटने के लिए बदमाश उन्हें मध्य प्रदेश के बीहड़ में लेकर चले गए। इसके बाद बदमाशों ने घायल पुलिसकर्मियों की वहाँ भी पिटाई की और दोनों को वहीं पर छोड़ कर चलते बने। पिटाई के बाद दोनों पुलिसकर्मी अधमरी अवस्था में वहाँ तड़प रहे थे।
खुर्शीद ने सोनिया के अंतरिम अध्यक्ष बनने पर नाखुशी जताते हुए कहा था कि पार्टी को करारी हार की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल के इस्तीफे के कारण पार्टी जनादेश का विश्लेषण नहीं कर पाई। इससे पार्टी में एक शून्य पैदा हो गया।
सरकार कॉन्ग्रेस के साथ कोई सहयोग नहीं कर रही है, जबकि पार्टी ने चुनाव के समय और राज्य के हालात को लेकर शंकाओं के बावजूद सरकार के साथ सहयोग की इच्छा प्रकट की थी।
"जो देश के संविधान के ख़िलाफ़ जाता है, वो जेल में जाता है। इसी तरह जो आध्यात्म के संविधान का उल्लंघन करता है, वो जीवन चक्र में फँस जाता है। गीता को मानव जीवन के संविधान के रूप में स्वीकार करना चाहिए।"
दफ्तर में नियम का उल्लंघन होता देख खुद पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाने वाले आस्तिक कुमार पांडे पिछले साल विभाग की दीवारों और कोनों में फैली गंदगी को खुद साफ करने के कारण भी चर्चा में आए थे। इस दौरान पान और गुटखे की पीक से रंगी दीवारों को साफ़ करती हुई उनकी तस्वीरें...
दिनदहाड़े हत्या से प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है। आक्रोशित लोगों ने विहिप नेता का शव रख सड़क जाम कर दिया। अधिकारियों के समझाने पर लोग शव को पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए।