4 साल पहले नवम्बर के महीने में इस्लामिक आतंकी हमला झेलकर फ्रांस ने 40 साल पहले मक्का की मस्जिद बचाने, और इसके अलावा अयातोल्ला खोमैनी को शरण देने की कीमत चुकाई थी।
अपने साथ हुई इस घटना पर दिलीप को कानून की ओर से बहुत निराशा हाथ लगी। जिसके कारण उन्हें शक है कि उन्हें न्याय मिलेगा या नहीं। उनकी मानें पहले तो पुलिस इस घटना पर एक्शन लेने को ही नहीं तैयार नहीं थी।
इस डॉक्यूमेंट के 11वें पेज पर जम्मू कश्मीर में ‘लोगों पर भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा अत्याचार’ की बात कही गई है, जो पाकिस्तान का वर्षों पुराना प्रोपेगेंडा रहा है। इसमें ऐसे महिलाओं को ढूँढ कर लाने और उनका अनुभव प्रकाशित करने को कहा गया है, जिन्हें यौन शोषण का सामना करना पड़ा। इसी तरह प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए अन्य विभिन्न तरीकों की बात की गई है।
'चर्च ऑफ इंग्लैंड' के सबसे वरिष्ठ पादरी वेबली ने कहा कि जलियाँवाला बाग़ में जो अपराध हुआ था, उसके लिए वह शर्मिंदा हैं और एक धार्मिक नेता होने के तौर पर वह इस त्रासदी की निंदा करते हैं। उन्होंने माफ़ी माँगते हुए कहा कि इसकी यादें हमेशा रहेंगी।
फारूक खान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एक महीने से अधिक समय बीत गया, लेकिन सुरक्षा बलों तथा पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए एक भी गोली नहीं चलाई गई।
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में जम्मू कश्मीर का मसला उठाया है। भारत द्वारा इस सम्बन्ध में उसे उसी मंच पर जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान इस मामले में यूएनएचआरसी की अर्जेन्ट बैठक बुलाना चाहता है। लेकिन......
".....अजहर ने जो उसका अश्लील एमएमएस बनाया था वो उसे दिखाकर उसे ब्लैकमेल करता था और उसे दूसरे दोस्तों के पास सोने के लिए भेजता था। जब कभी महिला ऐसा करने से मना करती तो वो उसकी पिटाई कर देता था।"
पुलिस ने बताया कि आतंकी असदुल्लाह शेख के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे कल अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उसकी ट्रांजिट रिमांड माँगी जाएगी।
हनी बाबू डीयू के प्रोफ़ेसर हैं और 'द कमिटी ऑफ सिविल राइट्स एक्टिविस्ट्स' के सदस्य हैं। इस कमिटी का गठन जीएन साईबाबा द्वारा किया गया था। डीयू प्रोफ़ेसर साईबाबा को 2017 में महाराष्ट्र की एक अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी।