जब्त की गई संपत्ति का स्वामित्व ब्राइट स्टार होटल प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है, जिसमें 34% शेयर अन्य कंपनी के नाम हैं, जो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड (BVI) में रजिस्टर्ड है। यह कंपनी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से संचालित होती है।
अमेज़न के जंगलों पर चिंता व्यक्त करने वाले कम्युनिस्टों ने माधव गाडगिल समिति की रिपोर्ट के ख़िलाफ़ कई प्रदर्शन किए थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि पश्चिमी घाट के जंगलों को नुक़सान पहुँचाने के कारण केरल में पर्यावरणीय आपदाएँ आ सकती हैं।
DMK ने कमिश्नर से मरीदास की शिकायत की है क्योंकि वह सवाल पूछते हैं, ब्लॉग लिखते हैं, मोदी का समर्थन करते हैं और वीडियो बनाते हैं। सारे FOE वाले सोए हुए हैं। समझिए इस विवाद के बारे में और जानिए कौन हैं मरीदास? क्यों ट्रेंड हो रहा है #ISupportMaridhas ?
सारा का परिवार जैकोबाइट ईसाई है लेकिन ऑर्थोडॉक्स गुट उनके तरीके से अंतिम क्रिया-कर्म की प्रक्रिया नहीं होने देने पर अड़ गया। तनाव को देखते हुए परिवार ने मृतक के देह-दान का निर्णय करते हुए रिसर्च के लिए उसे मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया।
2010 में सूरत ज़िले की कामरेज पुलिस ने दक्षिण गुजरात में नक्सल गतिविधियों का प्रचार करने के लिए गाँधी समेत 25 के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई थी। इस मामले में 24 आरोपित गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। सीमा हिरानी पुलिस की गिरफ़्त से दूर है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अब्दुल क़ादिर कोहली और मंजूर अहमद को त्राल के जंगलों से अगवा किया गया था। सुरक्षा बलों ने दोनों की तलाश शुरू की। इसी दौरान एक शख़्स का शव मिला, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
आतंकी तो मारा गया लेकिन उसकी पत्नी (जो कि उसकी कजन बहन भी है) और 4 बच्चे भारत वापस लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इंजीनियर से आतंकी बने उक्त व्यक्ति की मौत 2018 में एक एयर स्ट्राइक में हो गई थी।
चीन ने कहा है कि पानी से सम्बंधित परियोजनाओं में जनता की भागीदारी काफ़ी महत्वपूर्ण और ज़रूरी होती है। ख़ासकर, जब मामला जल-संरक्षण और पर्यावरण से जुड़ा हो। चीन के अधिकारियों ने कहा कि भारत ने 'नमामि गंगे' के तहत जो किया है, वह अनुकरणीय है।
कुछ अराजक तत्व घाटी में फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने और फ़र्ज़ी ‘क्लैंपडाउन स्टोरीज’ को गढ़ कर डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश में हालात सामान्य करने में केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जिसमें वो सफल भी रही है।
बकौल कृष्ण गोपाल, सिंध के अंतिम हिन्दू राजा दाहिर की पत्नियाँ जब जौहर करने जा रही थीं, तब उन्होंने 'म्लेच्छ' शब्द का प्रयोग किया था। रानियों का मानना था कि अगर उन्होंने जल्द से जल्द जौहर कर अपने प्राण नहीं त्यागे तो 'म्लेच्छ' लोग (इस्लामिक आक्रांता) आकर उन्हें छू देंगे।