पाकिस्तान के विज्ञान और टेक्नॉलजी मंत्री फवाद चौधरी ने नवंबर 06, 2013 को एक ट्वीट में लिखा था- "We make world's best suicide bombers" यानी, "हम दुनिया के सबसे बेहतरीन आत्मघाती बम बनाते हैं।"
पुलिस के दावे के मुताबिक जाँच के दौरान पाया गया कि कोई भी दलित परिवार गाँव नहीं छोड़ रहा है। पत्रकारों ने रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ की। दलितों ने अपने घर के आगे 'घर बिकाऊ है' का बोर्ड पत्रकारों की सलाह पर ही लगाए थे।
इसरो प्रमुख के शिवन ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए बताया कि इसरो ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की स्थिति का पता लगा लिया है। चाँद की सतह पर विक्रम लैंडर की थर्मल इमेज ऑर्बिटर से मिल गई है। लेकिन...
ईडी ने जुलाई में अहमद पटेल के दामाद इरफान सिद्दीकी का बयान भी रिकॉर्ड किया था। फिर इसके बाद संदेसरा समूह के कर्मचारी सुनील यादव से भी सीबीआई ने पूछताछ की थी। बताया जाता है कि सुनील यादव ने ही
फैसल पटेल और संदेसरा बंधुओं के बारे में बताया था।
संभल स्थित कल्कि धाम के पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णन कॉन्ग्रेस की सभाओं में भी काफ़ी सक्रिय रहते हैं और यूपी में उन्हें पार्टी का आध्यात्मिक चेहरा माना जाता है। लेकिन, वह केवल बेढंगे और बेतुके बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं।
हक्कानी ने कहा कि भारत या भारतीयों की खिल्ली उड़ाने, उन्हें गालियाँ देने, उनका अपमान करने या फिर उन्हें बदनाम करने की जगह पर पाकिस्तानियों को अपने देश के बारे में सोचना चाहिए। वे अभी वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट में कार्यरत हैं।
"वॉशिंगटन पोस्ट की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग में इस सच को नजरअंदाज किया गया कि अनुच्छेद 370 और 35ए के कारण अल्पसंख्यक, महिलाएँ और समाज के कमजोर वर्ग के लोग लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहे जबकि कश्मीर भ्रष्टाचार, अलगावववाद की जमीन बन गई।"
केंद्रीय विद्यालय ने चेन्नई क्षेत्र के अपने सभी 49 स्कूलों में पता किया लेकिन यह प्रश्नपत्र उनमें से कहीं का नहीं है। डीएमके प्रमुख ने दावा किया था कि इस प्रश्न-पत्र में मुस्लिमों के लिए भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
कल तक लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के कसीदे पढ़ने में नहीं अघाने वाले नेता भी अब जमीनी हकीकत भॉंप ऐसे चेहरे की तलाश कर रहे हैं जो चुनावी नैया पार लगा सके। तेजस्वी के नेतृत्व पर साथी दलों के असमंजस के बाद अब राजद में भी दिख रही बेचैनी।
यह कहानी है कर्नाटक के बेलगावी जिला स्थित सुदूरवर्ती गाँव शेगुनासी की, जहाँ इस वर्ष भयंकर बाढ़ आई। लेकिन, उनके लिए मदद सरकार से नहीं बल्कि ऐसी जगह से पहुँची कि 10 साल पुराना इतिहास फिर से जिन्दा हो गया।