"जम्मू-कश्मीर में विकास के लिए आर्टिकल 370 के प्रावधान खत्म किए गए हैं। हमारा पड़ोसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दरवाजे खटखटा रहा है और कह रहा है कि भारत ने गलती की है। पाकिस्तान से बात तभी होगी जब वह आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करेगा।"
मेजर पूनिया ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि कॉल करने वाले ने धमकी दी है कि अगर उन्होंने भारत-पाक से संबंधित ट्वीट करने बंद नहीं किए तो वो उनकी अश्लील वीडियो वायरल कर देंगे।
पवार ने कहा, "राणे ने कॉन्ग्रेस में शामिल होने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था। राणे को लगा कि कॉन्ग्रेस वादा पूरा करेगी। मेरे जैसे नेताओं को पता है कि ऐसे वादे केवल फायदे के लिए होते हैं। मैंने कॉन्ग्रेस में लंबा वक्त बिताया है।"
पारा शिक्षक अपनी नौकरी स्थायी करने और वेतन में इजाफे की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। शिक्षकों की माँग प्रशासन को इतना नागवार गुज़री कि कल्याणी रेलवे स्टेशन के पास भूख हड़ताल कर रहे शिक्षकों पर रात में लाठियाँ बरसाई गई।
कुछ दिनों पहले तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने महिला राजस्व अधिकारी वी लावण्या के घर से 93.5 लाख नकद और 400 ग्राम सोना बरामद किया था। लावण्या को तेलंगाना सरकार की तरफ से सर्वश्रेष्ठ तहसीलदार का पुरस्कार मिला था।
महबूबा मुफ्ती को चश्मे शाही में रखा गया है। उनके बारे में पता चला है कि वो अपना समय किताबें पढ़कर काट रही हैं। इसके अलावा प्रशासन की ओर से उन्हें पास के मुगल गार्डन में टहलने की अनुमति मिली हुई है।
शादी समारोह में एक हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। फिदायीन हमलावर ने शादी के स्टेज के पास खुद को उड़ा लिया। हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी ने नहीं ली है। लेकिन, जिस इलाके में धमाका हुआ है वहॉं अल्पसंख्यक शिया हजारा समुदाय के लोग काफी संख्या में रहते हैं।
अनंत सिंह केवल अपने आपराधिक इतिहास के लिए ही चर्चित नहीं रहे हैं। उनके शौक भी अजीबोगरीब हैं। अजगर पालने की सनक को लेकर वे विवादों में रह चुके हैं। एक बार उन्होंने पटना के अपने घर में एक पत्रकार को भी बंधक बना लिया था।
जेएनयू का नाम बदलने का सुझाव पहली बार नहीं आया है। इससे पहले 2016 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि जेएनयू ऐसे लोगों का अड्डा बनती जा रही है जो देश के खिलाफ साजिश में शामिल है। उन्होंने इसका नाम बदल कर सुभाष चन्द्र बोस यूनिवर्सिटी रखने की मॉंग की थी।
शाजिया इल्मी को भारत विरोधी नारों से आपत्ति हुई तो वह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँच गईं और उन्हें समझाने की कोशिश की। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो वे भी इंडिया जिंदाबाद के नारे लगाने लगीं।