चंद्रयान-2 के लॉन्च होते ही, हमारी यह ऐतिहासिक यात्रा शुरू हो चुकी है। आज भारत विश्व पटल पर ऐसे मिशन को अंजाम देने वाले अग्रणी देशों की श्रेणी में आ गया है। भारत चंद्रयान-2 मिशन की लॉन्चिंग के साथ वैश्विक पटल पर चाँद पर ऐतिहासिक मिशन भेजने वालों में चौथा देश बन चुका है।
जैसे ही काँवड़ियों का समूह कजियाना मुहल्ले मे पहुँचा, वहाँ के समुदाय विशेष ने उनके धार्मिक नारा 'बोल बम' का जयकारा लगाने पर आपत्ति जताई। मगर कांँवड़ियों का समूह फिर भी नारा लगाता रहा। इसके बाद गुस्से में आकर समुदाय विशेष ने उनकी पिटाई कर दी। एक काँवड़िया की हालत नाजुक...
“जब मैं अस्पताल में कराह रही थी तब मेरा मशहूर पति अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सो रहा था। 2 दिन बाद केवल दिखावे और प्रचार के लिए वो अस्पताल आया, बच्चे के साथ फोटो ली और फिर उसे पोस्ट कर दिया। उसे बच्चे की फिक्र नहीं थी। वह केवल प्रचार करना चाहता था।”
नाहिद जिन लोगों के हक और रोजगार की बात के लिए लड़ाई लड़ने और हक के लिए आवाज उठाने की बात कह रहे हैं, वो लोग कैराना के सराय इलाके में अवैध रुप से रह रहे थे। प्रशासन का कहना है कि यह सरकारी जमीन है, जिस पर केवल सरकार का अधिकार है ।
"मैंने जो कुछ भी कहा, वह यहाँ लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार की वजह से आई हताशा और गुस्से में कहा। गवर्नर के रूप में मुझे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था, लेकिन मेरी निजी सोच वही है, जो मैंने कहा। बहुत-से राजनेता और बड़े नौकरशाह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।"
अली ने पहले फल का लालच देकर अपने पड़ोस के घर से बच्ची को उठाया और फिर जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद बच्ची का गला घोंट कर उसे मार दिया।
"मॉब लिंचिंग की घटनाएँ हर सरकार में हुई हैं। चाहे सपा हो या कॉन्ग्रेस, लेकिन किसी ने कानून बनाने की बात नहीं की। ऐसे में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सख्त कानून बनाने की बात कर रहे हैं तो हमें विश्वास रखना चाहिए।"
"मुझे कुछ व्यक्तिगत काम है, जिसके कारण मैं विधानसभा के सत्र में नहीं जा पाउँगा। मेरे आलाकमान ने मुझे विश्वास प्रस्ताव पर मतदान करने से रोक दिया है, इसलिए मैं सोमवार और मंगलवार को सत्र में भाग नहीं लूँगा। इस दौरान मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में रहूँगा।"
अमेरिकी विदेश मंत्री, माइकल पोम्पेओ ने उइगरों को क़ैद रखने की चीन की नीति को 'सदी का दाग' भी कहा। विदेश विभाग का अनुमान है कि 8 लाख उइगरों समेत 20 लाख तुर्क मुस्लिमों को बीजिंग ने आंतरिक शिविरों में “re-education” के नाम पर क़ैद कर रखा है।
मध्य प्रदेश ने विस्थापितों का मुद्दा पहली बार गत 27 मई को ही उठाया था। उस समय मध्य प्रदेश सरकार का कहना था कि 6000 से ज्यादा लोगों का पुनर्वास अभी लंबित है।