राष्ट्रीय दुधारू पशु आयोग के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व जस्टिस गुमान लाल लोढ़ा द्वारा भारत सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ने कहा है कि इस रिपोर्ट में दुधारू गायों और बछड़ों के वध पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।
कॉन्ग्रेस के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर सक्रिय यूजर्स उनका जमकर मजाक उड़ा रहे हैं। पुराने समय की तस्वीरे पोस्ट की जा रही है और याद दिलाया जा रहा है कि गाँधी परिवार के राज में मिसाइल का सामान किस तरह साइकिल पर जाता था जबकि नेहरू परिवार एरोप्लेन में सफर करता था।
मोदी जिस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए चँदा मामा की सैर का श्रेय लेते हुए लहरिया लूटने की सोच रहे हैं, वो तकनीक भी नेहरू जी द्वारा स्थापित (फ़िलहाल गुप्त) राजीव गाँधी टेलीपोर्टेशन अनुसन्धान संस्थान की ही देन है। नेहरू ने ही माउंटबेटेन के साथ मिलकर आग का आविष्कार किया था। लेकिन गोदी मीडिया आपको...
एंड्रिया का कहना है कि उनके शौहर भारत में होने वाली सभी आपराधिक गतिविधियों के लिए आवाज उठाते हैं और वो सिर्फ अपने मजहब के लिए ही नहीं, बल्कि हिंदुओं और ईसाइयों के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। वो कहती हैं कि उनके पति इस लड़ाई में अकेले हैं और उनके साथ जो किया जा रहा है, वो अन्याय है।
आजादी के दौरान हर धर्म जाति और वर्ग के लोगों ने वंदे मातरम गीत को गाते हुए आंदोलन में हिस्सा लिया था, लेकिन दुर्भाग्वश जन गण मन को देश में पूरा सम्मान मिला, लेकिन वंदे मातरम को भुला दिया गया।
सोनभद्र जिले में जुलाई 17 को जमीन को लेकर हुए विवाद में 3 महिलाओं समेत 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी। उम्भा गाँव में हुई इस घटना में 17 लोग घायल भी हुए थे।
2 महीने पहले पति ने अपनी बीवी से मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया। फिर 7 जुलाई को उसने तीन तलाक भी दे दिया। ठीक 14 दिन के बाद अचानक से ससुराल पहुँच बीवी को अपनाने की बात कही लेकिन अपने छोटे भाई के साथ हलाला करवाने के बाद!
पुलिस उपायुक्त (एयरपोर्ट) संजय भाटिया ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि मेहराज सलमानी, आसिफ और फरमान को गिरफ्त में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपित उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रहने वाले हैं।
सोचने वाली बात ये है कि आखिर साध्वी ने अपने बयान में गलत क्या कहा? उनकी बात किसी भी रूप में विवादित नहीं थी। क्योंकि जो उन्होंने बोला वो सांसद पद के संदर्भ में बोला। और ये बिलकुल सच है कि एक सांसद का कार्य कचड़ा या फिर शौचालय साफ़ करने का नहीं होता।