कुछ दिन पहले मायावती भी समुदाय विशेष से एकजुट हो बसपा-सपा गठबंधन को वोट देने की अपील कर चुकी हैं। अब देखना ये है कि ध्रुवीकरण की अपील करने वाले सिद्धू पर राजनीतिक पार्टियों के साथ चुनाव आयोग की क्या प्रतिक्रिया आती है।
दोनों नेताओं की पार्टी के मध्य अनेकों मतभेदों के बाद भी निर्मला सीतारमण का थरूर से मिलना उन्हें भावुक कर गया। उन्होंने ट्विटर पर अपनी तस्वीर को साझा करने के साथ कहा कि राजनीति में शिष्टाचार एक दुर्लभ गुण है।
कुछ मुस्लिमों ने तो यहाँ तक कहा कि नॉन-मुस्लिम इमारतों व पूजा घरों का इस तरह से बर्बाद होना इस्लाम की सत्यता की पुष्टि करता है। कुछ ने कहा कि ये अल्लाह का दंड है जो इस्लाम न मानने वालों को मिलता है। दुनिया भर के कई हिस्सों के मुस्लिमों ने इस आग को लेकर ख़ुशी मनाई।
"आजम पापी है, उनका संहार होगा। जया प्रदा मेरी छाया की तरह हैं, इसलिए आजम खान को खुजली हो रही है। पार्टी का हर कार्यकर्ता जया प्रदा के लिए काम कर रहा है।"
किशनगंज में जनसभा को संबोधित करने के दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कॉन्ग्रेस भाजपा का डर दिखाकर लोगों से वोट माँग रही है। जबकि उसके खुद के शासन काल में भागलपुर के दंगे और बाबरी मस्जिद जैसी घटनाएँ हुईं थीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 में पाकिस्तान में अपनी आस्था के मुताबिक जिदंगी गुजारने पर अल्पसंख्यकों ने उत्पीड़न का सामना किया, उन्हें गिरफ्तार किया गया। यहाँ तक की कई मामले में उनकी मौत भी हुई।
सपा नेता पंडित सिंह से जब मीडिया वालों ने पूछा कि आपको नहीं लगता है कि आजम खान का एक महिला के लिए इस तरह से बोलना गलत है, तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा, “आपको लगता है कि वो महिला है, वो महिला नहीं है, उनका बहुत ऊँचा है सोच।”
चीन ने उइगरों पर कई तरह की पाबंदियाँ लगाई रखी है। लाखों उइगरों को हिरासत केंद्रों में रखा गया है और चीन इन हिरासत केंद्रों को व्यावसायिक शिक्षा केंद्र कहता है। चीन उनके ऊपर नियंत्रण का जाल बिछा रहा है, जो कम्युनिस्ट पार्टी के स्वचालित तानाशाह के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
कभी विपक्ष को एकजुट करके रैली निकालने वाली ममता बनर्जी आज खुद कॉन्ग्रेस पर चुनाव जीतने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मदद लेने का आरोप लगा रही है। उनके अनुसार जंगीपुर में अभिजीत मुखर्जी के लिए और बहरामपुर में अधीर चौधरी के लिए RSS प्रचार कर रही है।