आरोपित छात्राओं पर धर्मांतरण, निकाह का दबाव बनाते थे और आए दिन पैसे भी माँगते थे। जब ये डिमांड और ब्लैकमेलिंग ज्यादा बढ़ने लगी, तब एक पीड़िता ने पुलिस में शिकायत देने का निर्णय लिया।
35 साल पहले भी कश्मीर ने ऐसा ही नरसंहार देखा था। फर्क बस इतना है आज कश्मीर घूमने गए हिंदुओं को निशाना बनाया गया है और उस समय स्थानीय हिंदुओं को चुन-चुनकर मारा गया था।