दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने उन्हें पहलगाम हमले की पूरी जानकारी दी।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 27 लोगों के घायल होने की सूचना है। आतंकियों ने एक रिसॉर्ट को निशाना बनाया , जिसमें पर्यटक शांति से बैठे थे। अचानक 50 राउंड फायरिंग की। फिर भाग गए।
ट्रम्प भारत में थे तो दंगे हुए, वेंस भारत में हैं तो आतंकी हमला। दोनों के पीछे एक ही सोच काम करती है - खतना चेक करने वाली। मुर्शिदाबाद में भी यही सोच काम करती है। इन्हें अलग करके मत देखिए।
राज्यसभा में उप-राष्ट्रपति नीति-निर्माण की प्रक्रिया को संचालित करते हैं, ऐसे में उन्हें संवैधानिक मसलों पर बोलने का हक़ कैसे नहीं? TOI और The Wire को समझना चाहिए कि कई पूर्व जजों ने न्यायपालिका में पारदर्शिता की बात की है।