Friday, July 19, 2024
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सुषमा स्वराज की बेटी के नाम से इंडियन एक्सप्रेस ने बेची ‘फेक न्यूज’, कूमी कपूर ने लिखा- मंत्री नहीं बनाए जाने से BJP नेत्री को लगा था ‘सदमा’: बाँसुरी ने जताई हैरानी

बाँसुरी ने यह भी कहा कि पत्रकार निधि शर्मा की किताब में उनके नाम पर ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है, जैसा कि कूमी कपूर (Coomi Kapur) के कॉलम में दावा किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की वकील और दिल्ली भाजपा की सचिव बाँसुरी स्वराज ने सोशल मीडिया ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर सोमवार (14 अगस्त, 2023) को पोस्ट कर बताया कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के लेख में कूमी कपूर द्वारा उनके हवाले से दिया गया बयान गलत है। बाँसुरी ने यह भी कहा कि पत्रकार निधि शर्मा की किताब में उनके नाम पर ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है, जैसा कि कूमी कपूर (Coomi Kapur) के कॉलम में दावा किया गया है।

स्वराज ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज इंडियन एक्सप्रेस में कूमी कपूर के लेख ‘शेल शॉक्ड’ में मेरे हवाले से दिया गया बयान झूठा है। लेखिका निधि शर्मा द्वारा लिखित किताब के उस अध्याय में जिसका सन्दर्भ दिया गया है, ऐसा कोई बयान मेरे हवाले से नहीं दिया गया है। जो कुछ लिखा गया है उससे निधि शर्मा भी उतनी ही हैरान हैं।”

इंडियन एक्सप्रेस में कूमी कपूर के कॉलम में सुषमा स्वराज के बारे में अजीब दावे 

‘इंडियन एक्सप्रेस’ में रविवार (13 अगस्त, 2023) को छपे कूमी कपूर के कॉलम ‘इनसाइड ट्रैक‘ में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बारे में एक अजीब ही दावा किया गया है। इसमें लिखा है, “सुषमा स्वराज की बेटी बाँसुरी स्वराज इस बात की पुष्टि करती हैं कि उनकी माँ (सुषमा स्वराज) को 2019 में बिना किसी पूर्व सूचना के मंत्रिमंडल से हटा दिए जाने पर गहरा सदमा लगा था। यहाँ तक ​​कि जब वह शपथ ग्रहण के लिए राष्ट्रपति भवन पहुँचीं, तब भी स्वराज को उम्मीद थी।”

कपूर ने यह दावा किया और इसका श्रेय निधि शर्मा की नई किताब ‘वीमेन इन इंडियन पॉलिटिक्स’ को दिया। जबकि बाँसुरी स्वराज के अनुसार, लेखिका निधि शर्मा, जिनकी किताब का हवाला कूमी कपूर ने दिया है, वह भी इस दावे से उतनी ही हैरान हैं।

बता दें कि निधि शर्मा की किताब ‘शी द लीडर: वीमेन इन इंडियन पॉलिटिक्स’ 11 अगस्त को लॉन्च हुई थी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मुख्य अतिथि थीं।

सुषमा स्वराज का स्वास्थ्य और 2019 मोदी 2.0 कैबिनेट में उनका शामिल न होना 

सुषमा स्वराज बीजेपी की सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक थीं। वह 2014-19 तक मोदी 1.0 सरकार के दौरान विदेश मंत्री थीं। हालाँकि, 2016 में उन्हें अपनी स्वास्थ्य स्थिति के कारण कई महीनों के लिए काम से छुट्टी लेनी पड़ी थी। बाद में दिसंबर 2016 में एम्स में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। हालाँकि, वह बाद में विदेश मंत्रालय का काम सँभालती रहीं, लेकिन उनका स्वास्थ्य धीरे-धीरे बिगड़ता गया।

वहीं विदिशा लोकसभा सीट से पूर्व सांसद ने घोषणा की थी कि वह 2019 का आम चुनाव नहीं लड़ेंगी। हालाँकि, उनके बिगड़ते स्वास्थ्य और सार्वजनिक जीवन से उनकी अनुपस्थिति के बारे में अटकलें पहले से थीं, फिर भी वह मोदी 2.0 कैबिनेट में नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित हुई थीं। उन्होंने ट्वीट कर पीएम को बधाई दी और लोगों की सेवा करने का मौका देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। बता दें कि 9 बार की सांसद सुषमा स्वराज पिछली सभी भाजपा सरकारों में कैबिनेट मंत्री रही थीं।

गौरतलब है कि प्रखर वक्ता और बेहद लोकप्रिय राजनीतिज्ञ सुषमा स्वराज ने 6 अगस्त, 2019 को अंतिम साँस ली। उनका आखिरी ट्वीट जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देना था। तब उनके शब्दों के चयन ने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया क्योंकि उन्होंने कहा था कि वह अपने जीवनकाल में यह दिन (अनुच्छेद 370 को निरस्त करना) देखना चाहती थीं। इसके दो दिन बाद ही उन्होंने अंतिम साँस ली। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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