Thursday, July 18, 2024
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छात्रों के प्रदर्शन के बहाने राजनीति, सोशल मीडिया पर प्रोपेगंडा: कॉन्ग्रेस के हैंडल और NCP नेताओं द्वारा वायरल की गई तस्वीरों का फैक्ट चेक

पश्चिम बंगाल के कलीमपांग (Kalimpong) के रहने वाले आर्यन अहमद ने भी प्रयागराज की फर्जी तस्वीर शेयर की है। उन्होंने साल 2019 में CAA विरोधी प्रदर्शन की फोटो को प्रयागराज की घटना से जोड़ा।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 25 जनवरी, 2022 (मंगलवार) को हजारों छात्रों ने रेलवे भर्ती परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगा कर प्रदर्शन किया था। कुछ समय बाद यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था। रेलवे लाइनों की पटरियों भर भीड़ का जमावड़ा हो गया। साथ ही ट्रेनों के साथ आम जनता के आने-जाने का मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया था। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए।

इस घटना पर प्रयागराज के एसएसपी IPS अजय कुमार ने बयान देते हुए कहा, “25 जनवरी को प्रयाग स्टेशन के पास लगभग 1 हजार उपद्रवी तत्वों के जमा होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना में रेलवे ट्रैक को जाम करना और संभावित रूप से रेल इंजन में आग लगाना भी शामिल था। इस पर पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ सीनियर अधिकारियों के साथ मौके पर पहुँचा था। छात्रों को समझा-बुझा कर वापस किया जा रहा था। इसी दौरान छात्रों के ही बीच में छिपे कुछ उपद्रवी तत्व पुलिस पर पथराव करने लगे। पथराव करने के बाद वो जा कर के लॉज में छिप गए थे। उन्हीं को चिह्नित करने और खोजने के लिए पुलिस टीमें वहाँ गई थीं। कई लोगों को पकड़ कर भी लाया गया था। इसमें से 2 मुख्य अभियुक्त मुकेश यादव और प्रदीप यादव सामने आए थे। इन्हें गिरफ्तार किया गया था।”

SSP प्रयागराज ने आगे बताया, “एक छोटे से वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी अनावश्यक बल प्रयोग करते दिखाई दिए। उनको चिह्नित कर के निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ कठोरतम विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। छात्रों की आड़ में छिपे उपद्रवी तत्वों के खिलाफ 13 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 3 नामजद के साथ लगभग 1 हजार अज्ञात उपद्रवी तत्वों पर केस दर्ज हुआ है। तीसरे नामजद आरोपित का नाम राजेश सचान है। इसी ने छात्रों को सोशल मीडिया पर भड़काया। उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। राजेश सचान नाम का आरोपित एक विशेष मंच से जुड़ा हुआ है। साथ ही उसका साथ कुछ विशेष पार्टियों से है। इसी ने रात में अचानक सोशल मीडिया पर कुछ गतिविधियाँ की। इन ट्वीट्स को छात्रों के बीच फैलाया गया। छात्रों को प्रदर्शन में जमा करने के बदले बेहतर भविष्य दिखाया गया जो कि गलत था। इसी से छात्र उकसावे में आए और ये कार्रवाई हुई। हमने 11 लोगो की टीम लगाई है उस विशेष पार्टी का नाम और उनके फंडिग स्रोत को पता करने के लिए। मुकदमे छात्रों पर नहीं बल्कि उपद्रवी तत्वों पर लिखे गए हैं।”

‘दैनिक जागरण’ की गलत फोटो हुई वायरल

प्रयागराज में पुलिस द्वारा बल प्रयोग के मामले में ‘दैनिक जागरण’ में खबर प्रकाशित हुई। खबर के लिए प्रयोग हुआ फोटो प्रयागराज की घटना का न हो कर कहीं और का निकला। साथ ही फोटो कम से कम 3 साल पुराना था। फोटो में एक युवक के पीठ पर लाठियों के निशान थे। यह फोटो कुछ ही देर में सोशल मीडिया के लगभग सभी प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। बाद में ‘दैनिक जागरण’ ने अपने द्वारा गलती से प्रकाशित फोटो पर माफ़ी माँगी।

‘दैनिक जागरण’ की खबर और खंडन

‘कॉन्ग्रेस सेवा दल’ केरल ने ट्वीट की गलत फोटो

जिस फोटो पर ‘दैनिक जागरण’ ने माफ़ी माँगी उसी फोटो को ‘केरल कॉन्ग्रेस सेवा दल’ ने 28 जनवरी, 2022 को आधिकारिक रूप से ट्वीट किया है। साथ ही उसमें #BJPCheatsStudents का टैग लगाया है

सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे अलग-अलग समय के अलग-अलग फोटोज

सोशल मीडिया पर कई हैंडल दिल्ली और लखनऊ की अलग-अलग समय की घटनाओं को प्रयागराज की 25 जनवरी 2021 की घटना से जोड़ कर वायरल करते दिखे। इसमें से कई हैंडलों को प्रयागराज पुलिस अफवाह उड़ाने से मना करती दिखी।

JNU में हुए लाठीचार्ज को बताया गया प्रयागराज की घटना

काका किसान (@rskkishan) नाम के हैंडल ने अखिलेश यादव और ओम प्रकाश राजभर को टैग करते हुए JNU में लगभग 2 साल पहले हुए लाठीचार्ज को प्रयागराज की तस्वीर बता कर ट्वीट किया है। इस पर प्रयागराज पुलिस ने उन्हें ऐसा न करने का जवाब दिया है।

प्रयागराज पुलिस का कहना है, “यह चित्र प्रयागराज के किसी भी मामले से संबंधित नहीं है। कृपया अपुष्ट तथ्यों के आधार पर भ्रम ना फैलाएँ, अन्यथा कठोर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।”

मुंबई के NCP नेता ने शेयर की 2 साल पुरानी तस्वीर

एक अन्य ट्वीट में जिन तस्वीरों को दक्षिण मुंबई के NCP नेता अहमद ने 27 जनवरी को प्रयागराज का बता कर शेयर किया है। उसी तस्वीर को कॉन्ग्रेस के ही राहुल गाँधी नवम्बर 2018 में सहायक शिक्षक भर्ती का बता कर ट्वीट कर चुके हैं।

मुंबई के यूथ कॉन्ग्रेस नेता अहमद ने भी उड़ाई अफवाह

खास बात ये है कि अहमद के ट्वीट को 100 से अधिक लोग बिना सोचे समझे RT कर चुके हैं।

बंगाल से अहमद वायरल कर रहे CAA विरोधी दंगो की तस्वीर

पश्चिम बंगाल के कलीमपांग (Kalimpong) के रहने वाले आर्यन अहमद ने भी प्रयागराज की फर्जी तस्वीर शेयर की है। उन्होंने साल 2019 में CAA विरोधी प्रदर्शन की फोटो को प्रयागराज की घटना से जोड़ा।

CAA विरोधी प्रदर्शन को प्रयागराज की घटना बताता आर्यन अहमद

आगरा के जावेद शेयर कर रहे बिहार की वीडियो

जावेद अहमद ने बिहार पुलिस की पटना में हुई कार्रवाई को प्रयागराज की वीडियो बता कर शेयर किया। जावेद के अनुसार, “प्रयागराज में इस छात्र की बेबसी और आँसू बेकार नहीं जाएँगे। इसका जवाब वोट की चोट से दिया जाएगा। हमने जामिया में पुलिस की बर्बरता का भी विरोध किया था। प्रयागराज में भी पुलिस की बर्बरता का विरोध करते हैं। “सब याद रखा जाएगा”

योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर हर दोषी को दंड की बात कही

इस पूरे घटनाक्रम पर UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने TV9 पर एक इंटरव्यू में अपना पक्ष रखा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “कानून सबके लिए समान रूप से है। अगर पुलिस ने गलत किया है तो वहाँ पर गृह विभाग ने कार्रवाई भी किया है। लेकिन जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाला व्यक्ति छात्रों के कंधों पर बंदूक रख के, कॉन्ग्रेस और सपा के बहकावे में आ कर जिन लोगों ने कानून हाथ में लिया वो कानून के दायरे में जरूर आएँगे। जो गलत हुआ है उसके लिए जवाबदेही भी तय की गई है। जहाँ कार्रवाई होनी थी वहाँ कार्रवाई हुई है। लेकिन जिस भी पक्ष से गलत हुआ है, दोनों बराबर कार्रवाई के हकदार होंगे।”

पुलिस के आगे लग रहे थे “जय अखिलेश’ और “अखिलेश यादव जिंदाबाद” के नारे

समाजवादी पार्टी के नेता आई पी सिंह ने अपने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है। उस वीडियो में उन्होंने खुद ही माना है कि छात्र ‘अखिलेश यादव जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। समाजवादी नेता के मुताबिक लाठीचार्ज की वजह यही नारे थे।

सपा नेता द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में पुलिस के वाहन दिखाई दे रहे हैं। साथ ही छतों और खिड़कियों से जय अखिलेश के नारे लगाए जा रहे हैं।

पुलिस की अपील पर ताली बजाते दिखे छात्र

घटना के बाद प्रयागराज के SSP छात्रों के बीच गए थे। उनका छात्रों से अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वो कहते दिख रहे हैं, “कार्रवाई उपद्रवियों पर की गई है। आप यहाँ से सफल हो कर जाएँ। आपका नाम और आपके माता-पिता का नाम हो। मैंने खुद भी यहीं प्रयागराज से तैयारी की है। आप सब पढ़ाई पर ध्यान लगाएँ। आप शरारती तत्वों के बहकावे में न आएँ। चुनाव के समय ऐसे तमाम नेता उभर रहे हैं। कार्रवाई निष्पक्ष होगी। कोई भी निर्दोष परेशान नहीं किया जाएगा।”

एसएसपी प्रयागराज की अपील पर वहाँ मौजूद तमाम छात्रों ने तालियाँ बजाईं।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिया था दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई का भरोसा

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर के कहा था, “प्रयागराज में छात्रों के साथ घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी। छात्रों से संयम की अपील है। विपक्ष छात्रों के मामले में राजनीति न करे। जिन लोगों ने छात्रों की आड़ लेकर उपद्रव किया है जाँच कर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक छात्र हमारा परिवार है।”

अब तक 6 पुलिसकर्मी हुए हैं सस्पेंड

वीडियो में हॉस्टल में घुस कर तोड़फोड़ करने वाले पुलिस बल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मामले में अब तक 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन पुलिसकर्मियों के नाम इंस्पेक्टर राकेश भारती, सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र यादव, सब इंस्पेक्टर कपिल कुमार चहल और कांस्टेबल मोहम्मद आरिफ, कांस्टेबल अच्छे लाल और कॉन्स्टेबल दुर्वेश कुमार हैं।

ऑपइंडिया ने SSP प्रयागराज से की बात

ऑपइंडिया ने इस पूरी घटना पर SSP प्रयागराज IPS अजय कुमार से बात की। उन्होंने बताया, “इस उपद्रव में अफवाह उड़ाने का मुख्य आरोपित राजेश सचान भी गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक मामले में 3 आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। केस की गहनता से जाँच करवाई जा रही है। मामले में कुल 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए हैं। सस्पेंड पुलिसकर्मियों में 1 इंस्पेक्टर, 2 सब इंस्पेक्टर और 3 कांस्टेबल हैं। सभी की भूमिका जाँची जा रही है। जाँच उपरान्त निष्कर्ष पर नियमनुसार कार्रवाई की जाएगी।”

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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