Saturday, July 20, 2024
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डरावना, खतरनाक, परेशान करने वाला… कश्मीर फाइल्स और केरल स्टोरी के बाद ‘ग़दर 2’ की सफलता से चिढ़े नसीरुद्दीन शाह, बताया – मेरी नानी ने पैदा किए 15 बच्चे

"सौ साल बाद लोग 'भीड़' और 'गदर 2' भी देखेंगे। तब उन्हें पता चलेगा कि कौन सी फिल्म हमारे समय की सच्चाई दिखाती है।"

बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह अपनी एक्टिंग से अलग विवादित बयानों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। अब उन्होंने कहा है कि कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार का सच दिखाती फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ के हिट से वह परेशान हो गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के स्कर्ट पहनने पर ‘मुल्ले’ कुछ कहते थे उन्हें गुस्सा आता था।

FPJ ने नसीरुद्दीन शाह से बातचीत की है। इसमें उन्होंने कहा, “मैंने ‘द केरल स्टोरी’ और ‘गदर 2’ जैसी फिल्में नहीं देखीं हैं। लेकिन मुझे पता है ये किन मुद्दों पर बनाई गई हैं। परेशान करने वाली बात यह है कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्में इतनी लोकप्रिय हैं। वहीं, सुधीर मिश्रा, अनुभव सिन्हा और हंसल मेहता द्वारा बनाई गई फिल्में हैं। ये लोग अपने समय की सच्चाई को दिखाने करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वे नजर नहीं आते।”

नसीरुद्दीन शाह ने अनुभव सिन्हा की सुपर फ्लॉप रही फिल्म ‘भीड़’ की तुलना ‘गदर 2’ से करते हुए कहा, “अब महत्वपूर्ण यह है कि ये फिल्म निर्माता हिम्मत न हारें और फिल्म बनाना जारी रखें। सौ साल बाद लोग ‘भीड़’ और ‘गदर 2’ भी देखेंगे। तब उन्हें पता चलेगा कि कौन सी फिल्म हमारे समय की सच्चाई दिखाती है। यह बेहद डरावना है कि फिल्म निर्माता ऐसी फिल्में बना रहे हैं जो सभी गलत चीजों को सही दिखाते हैं और बिना किसी कारण के अन्य समुदायों को नीचा दिखाते हैं। यह एक खतरनाक प्रवृत्ति है।”

अपने घर-परिवार की बातें बताते हुए नसीरुद्दीन शाह ने कहा, “जब मैं 10 साल का था, तब मैंने अपनी अम्मी से पूछा कि आपने किस स्कूल में पढ़ाई की है। इस पर अम्मी ने कहा कि उन्हें किसी ने स्कूल नहीं भेजा। मेरी माँ मेरी नानी के 15 बच्चों में दूसरे नंबर की थी। मेरा मानना ​​है कि 35 साल की उम्र तक उन्होंने बच्चे पैदा करने के अलावा कुछ भी नहीं किया। जब वह 14 साल की थीं तब उनकी शादी हो गई और 15 साल की उम्र में ही पहला बच्चा हुआ।”

सानिया मिर्जा के स्कर्ट पहनने पर इस्लामिक कट्टरपंथियों के कमेंट और बुर्का को लेकर नसीरुद्दीन ने कहा, “पर्दा करने का मतलब यह नहीं है कि औरत को ढक कर एक बेडौल गाँठ में बदल दिया जाए, ताकि कोई उस पर नजर न डाले। आँख के पर्दे का मतलब है कि वहाँ मत देखो जहाँ तुम्हें नहीं देखना चाहिए। इसीलिए जब मुल्ले टेनिस खेलते समय सानिया मिर्जा के स्कर्ट पहनने की आलोचना करते थे तो मुझे बहुत गुस्सा आता था। तुम उसकी स्कर्ट क्यों देख रहे हो? इसका मतलब है कि तुम दोषी हो और गंदे दिमाग वाले हो।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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