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पेरियार ने दिखाई राम-सीता की आपत्तिजनक तस्वीरें, साबित कर सकता हूँ, माफी नहीं मागूँगा: रजनीकांत

अब रजनीकांत ने सरेआम इस मामले पर माफी माँगने से इनकार कर दिया हैं। रजनीकांत ने सोमवार को कहा, "मैं अपनी बात से पीछे नहीं हटूँगा। क्योंकि मैं इसे साबित कर सकता हूँ।"

तमिल फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत पेरियार पर टिप्पणी करने के कारण इन दिनों विवादों में हैं। उनपर इस मामले के संबंध में बीते दिनों एफआईआर भी दर्ज हुई। लेकिन ताजा जानकारी के अनुसार उन्होंने अपने बयान पर माफी माँगने से इंकार कर दिया। रजनीकांत का कहना है कि वे इस मामले के संबंध में माफी बिलकुल नहीं माँगेंगे। क्योंकि कार्यक्रम में उन्होंने पेरियार को लेकर जो कहा वो उस समय मीडिया में भी प्रकाशित हुआ था। जिसके सबूत उनके पास अब भी है। इसलिए वे माफी नहीं माँगेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 14 जनवरी को तुगलक मैगजीन की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान पेरियार ईवी रामासामी को लेकर रजनीकांत ने कहा था कि पेरियार हिंदू देवी-देवताओं के कट्टर आलोचक थे और उन्‍होंने 1971 में सलेम में अंधविश्वास उन्मूलन सम्मेलन के दौरान भगवान राम और सीता की आपत्तिजनक तस्वीरें भी दिखाई थीं। लेकिन इसके बाद भी किसी ने पेरियार की आलोचना नहीं की। केवल चो (तुगलक मैग्जीन के संस्थापक) ने इस मामले को उजागर किया।

रजनीकांत ने इस कार्यक्रम में अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि तुगलक ही अकेली मैगजीन थी, जिसने उस कार्यक्रम को कवर किया और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान की बात उजागर की। लेकिन ये बात सत्‍तारूढ़ डीएमके को पसंद नहीं आई। मैगजीन के उस संस्‍करण को तमिलनाडु सरकार ने जब्‍त कर लिया। मगर, चो ने इसे दोबारा छापा।

रजनीकांत के अनुसार इसके बाद ये मैगजीन ब्‍लैक में बिकी। उस दौरान जो मैगजीन 10 रुपए की बिकती थी, उसकी बिक्री 50 और 60 रुपए में हुई। एम. करुणानिधि ने मैगजीन को मुफ्त की पब्लिसिटी दे दी। जिसके लिए अगले संस्‍करण में चो ने उन्‍हें पब्लिसिटी मैनेजर के तौर पर काम करने के लिए धन्‍यवाद भी दिया। हालाँकि, इसके बाद मैग्जीन के संस्थापक चो को करुणानिधि का गुस्सा झेलना पड़ा। लेकिन तब तक वे पूरे देश में लोकप्रिय हो गए थे।

गौरतलब है कि रजनीकांत की इसी टिप्‍पणी के बाद द्रविड़ विधुथलाई कझगम (DVK) ने उनपर आरोप लगाया कि रजनीकांत ने पेरियार के बारे में सरासर झूठ बोला। साथ ही अभिनेता से इस मामले में माफी माँगने की माँग उठाई। लेकिन अब रजनीकांत ने सरेआम इस मामले पर माफी माँगने से इनकार कर दिया हैं। रजनीकांत ने सोमवार को कहा, “मैं अपनी बात से पीछे नहीं हटूँगा। क्योंकि मैं इसे साबित कर सकता हूँ।”

बता दें, बीते शुक्रवार को कोयंबटूर पुलिस आयुक्‍त को रजनीकांत के खिलाफ मामले में शिकायत मिली। डीवीके के कोयंबटूर प्रमुख नेहरूदास ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (a) (धर्म के आधार पर समाज में शत्रुता फैलाना) और 505 (लोगों को भ्रमित करने और उकसाने वाला बयान देना) के तहत कार्रवाई की माँग की और उनके माफी माँगने को कहा।।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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