Homeविविध विषयमनोरंजनहिरोइन थी अनम फैयाज और ज़ार्निश खान... इस्लाम के लिए ग्लैमर की दुनिया से...

हिरोइन थी अनम फैयाज और ज़ार्निश खान… इस्लाम के लिए ग्लैमर की दुनिया से किया तौबा: डिलीट की बोल्ड तस्वीरें, पाकिस्तानी कर रहे कॉमेंट्स

"...मैंने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला कर लिया है। मैं अब इस्लाम के बताए राह पर चलकर जिंदगी गुजारना चाहती हूँ। आप सभी से गुजारिश है कि दुआओं में याद रखें।"

पाकिस्तान की 2 ग्लैमरस अभिनेत्रियों अनम फैयाज और ज़ार्निश खान ने मजहब के नाम पर एंटरटेनमेंट की दुनिया से अलग होने का फैसला कर लिया है। दोनों अभिनेत्रियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अपने प्रशंसकों को यह जानकारी दी। अपने बोल्ड लुक की वजह से मशहूर अनम और ज़ार्निश अब हिजाब में नजर आ रही हैं। पाकिस्तानी अभिनेत्रियों के फैसले पर पाकिस्तान की अवाम ने खुशी का इज़हार किया है।

अपने ग्लैमरस लुक के लिए मशहूर पाकिस्तानी एक्ट्रेस अनम फैयाज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए इंडस्ट्री छोड़ने के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा:

“आपको सूचित करना मुश्किल हो रहा है क्योंकि आप सभी ने मेरे मीडिया करियर में पूरा सहयोग दिया लेकिन मैंने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला कर लिया है। मैं अब इस्लाम के बताए राह पर चलकर जिंदगी गुजारना चाहती हूँ। मेरे डिजिटल उपस्थिति पर भी इस जीवन शैली का छाप होगा। आप सभी से गुजारिश है कि दुआओं में याद रखें। आपके कभी न खत्म होने वाले मोहब्बत और समर्थन के लिए शुक्रिया।”

अनम के अलावा पाकिस्तानी एक्ट्रेस ज़ार्निश खान ने भी ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कहने का मन बना लिया है। ज़ार्निश ने हाल ही में मक्का में उमराह किया। इसके बाद ज़ार्निश ने सोशल मीडिया पर उमराह वाली अपनी फोटोज के अलावा बाकी सब डिलीट कर दिया। उनके इस कदम की कोई सराहना कर रहा है तो कोई तंज भी कस रहा है।

अल्लाह और इस्लाम की राह पर चलने के नाम पर भारत की 2 मुस्लिम अभिनेत्री भी फिल्म इंडस्ट्री से तौबा कर चुकी हैं। जून 2019 में फिल्म दंगल से बॉलीवुड में कदम रखने वाली ज़ायरा वसीम ने फिल्म-जगत को अलविदा कह दिया था। ज़ायरा ने कहा था कि बॉलीवुड उन्हें उनके अल्लाह और उनके मज़हब इस्लाम से दूर कर रहा है।

ज़ायरा के बाद सना खान ने मजहब के नाम पर इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया था। अक्टूबर 2020 में इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए सना ने यह जानकारी दी थी। सना ने कहा था कि वह मानवता की सेवा करना चाहती हैं और अब से वह अल्लाह के आदेशों का पालन करेंगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -